20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : हम अपने घर और रसोई की चमक-धमक बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। मसालों के डिब्बों से लेकर गैस चूल्हे तक, हर चीज की सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी उस ‘स्पंज’ या ‘झाबे’ (Kitchen Sponge) पर गौर किया है जिससे आप ये बर्तन साफ करते हैं?

शायद आपको जानकर हैरानी हो, लेकिन शोध बताते हैं कि रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक पुराना स्पंज टॉयलेट सीट से भी ज्यादा बैक्टीरिया वाला हो सकता है। अनजाने में हम जिस चीज से बर्तनों की गंदगी साफ कर रहे होते हैं, वही हमारे परिवार को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रही होती है। आइए जानते हैं कि एक छोटा सा दिखने वाला स्पंज आपकी सेहत के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है।

क्यों है गंदा स्पंज ‘बैक्टीरिया का अड्डा’?

किचन स्पंज के डिजाइन और उसके इस्तेमाल का तरीका उसे कीटाणुओं के लिए स्वर्ग बना देता है:

  • नमी और भोजन के कण: स्पंज के छोटे-छोटे छिद्रों में खाने के बारीक कण फंस जाते हैं। चूँकि यह ज्यादातर समय गीला रहता है, इसलिए नमी और गंदगी मिलकर बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे सही माहौल तैयार करते हैं।
  • खतरनाक कीटाणु: गंदे स्पंज में ई-कोलाई (E. coli) और साल्मोनेला (Salmonella) जैसे बैक्टीरिया पाए जाते हैं। जब आप इसी स्पंज से प्लेट या चम्मच धोते हैं, तो ये बैक्टीरिया बर्तनों के जरिए सीधे आपके पेट में पहुँच जाते हैं।

कितने दिन में बदल देना चाहिए झाबा?

ज्यादातर घरों में स्पंज तब तक नहीं फेंका जाता जब तक वह फट न जाए या पूरी तरह काला न पड़ जाए। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ और ही सलाह देते हैं:

  1. 7 से 10 दिन का नियम: आदर्श रूप से हर 7 से 10 दिन में स्पंज बदल देना चाहिए।
  2. उपयोग के अनुसार: यदि आपके घर में बर्तनों की संख्या ज्यादा है और स्पंज का इस्तेमाल अधिक होता है, तो इसे हर हफ्ते बदलें।
  3. अधिकतम सीमा: किसी भी स्थिति में एक स्पंज को 2 हफ्ते (14 दिन) से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, चाहे वह देखने में साफ ही क्यों न लगे।

गंदे स्पंज से होने वाली बीमारियां

यदि आप समय पर झाबा नहीं बदलते, तो आपको और आपके परिवार को निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

  • फूड पॉइजनिंग: दूषित बर्तनों में खाने से दस्त, उल्टी और जी मिचलाना।
  • पेट का संक्रमण: आंतों में सूजन और तेज पेट दर्द।
  • स्किन एलर्जी: बैक्टीरिया के संपर्क में आने से हाथों में चकत्ते या फंगल इन्फेक्शन।
  • बदबू और फफूंद: पुराने स्पंज में फफूंद (Mold) लग सकती है, जिससे किचन में हानिकारक टॉक्सिन्स फैलते हैं।

स्पंज को कीटाणुमुक्त रखने के 3 अचूक तरीके

किचन स्पंज को 7-10 दिनों तक सुरक्षित रखने के प्रभावी उपाय

किचन स्पंज में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं। इन्हें लंबे समय तक स्वच्छ और उपयोग के लायक बनाए रखने के लिए आप नीचे दिए गए तरीकों को अपना सकते हैं:

स्पंज सफाई की विधियाँ

तरीकाप्रक्रियामुख्य लाभ
माइक्रोवेव विधिगीले स्पंज को 1 मिनट के लिए हाई पर माइक्रोवेव करें।यह 99% बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म कर देता है।
सिरका और गर्म पानीगर्म पानी में सिरका (Vinegar) मिलाकर स्पंज को 10 मिनट तक भिगोएं।यह स्पंज को प्राकृतिक रूप से कीटाणुमुक्त (Sanitize) करता है।
सुखाना (Air Dry)इस्तेमाल के बाद स्पंज को अच्छी तरह निचोड़कर खुली व हवादार जगह पर रखें।नमी कम होने से बैक्टीरिया पनपने का खतरा खत्म हो जाता है।

स्पंज की जगह सिलिकॉन ब्रश या स्टील स्क्रब का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। ये जल्दी सूख जाते हैं और इनमें भोजन के कण नहीं फंसते, जिससे ये ज्यादा लंबे समय तक हाइजीनिक रहते हैं।

By News Scoop Desk

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