न्यूज स्कूप : देश की राजधानी दिल्ली और अन्य प्रमुख महानगरों में एक बड़ी आतंकी साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों और जांच अधिकारियों के अनुसार, एक ‘सफेदपोश’ (White-collar) आतंकी मॉड्यूल अंतरराष्ट्रीय कॉफी चेन आउटलेट्स पर बमबारी करने की योजना बना रहा था। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एक हिंसक और प्रतीकात्मक संदेश देना था।
सरकारी सूत्रों ने ABP न्यूज को बताया कि इस मॉड्यूल के जरिए वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित करने और एक खास वैचारिक संदेश फैलाने की कोशिश की जा रही थी।
इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब जांच एजेंसियों ने डॉक्टरों के एक समूह को गिरफ्तार किया।
- पुरानी घटनाओं से जुड़ाव: गिरफ्तार किए गए ये वही लोग हैं जिनका नाम दिल्ली में हुए उस आत्मघाती हमले (Suicide Attack) में आया था, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
- निशाने पर क्यों थी कॉफी चेन? पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस समूह ने एक विशिष्ट ग्लोबल कॉफी रेंज के आउटलेट्स को इसलिए चुना क्योंकि इसके संस्थापक यहूदी समुदाय से जुड़े बताए जाते हैं।
- वैचारिक हमला: अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों का मकसद केवल जान-माल का नुकसान करना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक वैचारिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना था।
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली थी। यह मॉड्यूल पिछले करीब 4 वर्षों से सक्रिय था, लेकिन इसकी पहचान उजागर नहीं हो पाई थी:
- पेशेवर पहचान की आड़: इस नेटवर्क में शामिल लोग डॉक्टर और अन्य उच्च शिक्षित प्रोफेशनल थे। अपनी सम्मानित सामाजिक स्थिति और पेशे की आड़ में वे सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचते रहे।
- एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन: मॉड्यूल के सदस्य आपसी संपर्क, फंडिंग और प्लानिंग के लिए एडवांस एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म और कोडेड भाषा का उपयोग कर रहे थे।
- गोपनीयता: इन्होंने अपनी गतिविधियों को इतना गोपनीय रखा कि लंबे समय तक उनकी संदिग्ध हरकतों का पता नहीं चल सका।
इस खुलासे के बाद दिल्ली समेत मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े शहरों में अंतरराष्ट्रीय आउटलेट्स और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मॉड्यूल के अन्य स्लीपर सेल्स की तलाश जारी है और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच की जा रही है।
‘सफेदपोश’ आतंकवाद भारत के लिए एक नई और गंभीर चुनौती बनकर उभरा है, जहाँ शिक्षित लोग अपनी योग्यता का उपयोग विनाशकारी उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की समय पर की गई इस कार्रवाई ने देश को एक बड़े संकट से बचा लिया है।
