न्यूज स्कूप : राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर सोमवार, 22 दिसंबर 2025 की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एयर इंडिया के एक विमान को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद वापस लैंड कराना पड़ा। दिल्ली से मुंबई जा रही फ्लाइट AI 887 में तकनीकी खराबी (इंजन फेलियर) आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला किया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
एयर इंडिया के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विमान ने सुबह 6:10 बजे दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ान भरी थी। टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद पायलट को विमान के एक इंजन में तकनीकी खराबी महसूस हुई और वह बंद हो गया।
- VT-ALS की वापसी: चूँकि यह एक दो इंजन वाला विमान था, और आधुनिक विमान एक इंजन पर भी सुरक्षित लैंडिंग करने में सक्षम होते हैं, इसलिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत विमान को वापस दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया।
- फ्लाइट ट्रैकिंग: डेटा के मुताबिक, फ्लाइट ने 6:10 बजे उड़ान भरी और तकनीकी आपातकाल की स्थिति में 6:52 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर लिया।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा:
“22 दिसंबर को दिल्ली से मुंबई जाने वाली फ्लाइट AI 887 के क्रू ने तकनीकी दिक्कत के कारण टेक-ऑफ के तुरंत बाद दिल्ली लौटने का फैसला किया। विमान सुरक्षित उतर गया है और सभी यात्रियों को उतार दिया गया है। एयर इंडिया इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से माफी मांगता है।”
एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई है और ग्राउंड टीम यात्रियों की सहायता में जुटी है। विमान की गहन तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
एयर इंडिया में तकनीकी खराबी और इमरजेंसी लैंडिंग के बढ़ते मामले चिंता का विषय बन गए हैं। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सतर्कता तब और बढ़ गई जब इसी साल 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर) एक भीषण हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें भारी जनहानि हुई थी।
जून के उस हादसे के बाद से विमानन नियामक संस्था (DGCA) और एयरलाइंस सुरक्षा मानकों को लेकर काफी सख्त हैं। यही कारण है कि आज की घटना में छोटी सी भी तकनीकी खामी दिखते ही पायलट ने जोखिम न लेते हुए विमान को तुरंत सुरक्षित लैंड कराने का निर्णय लिया। विशेषज्ञों का कहना है कि विमानों के इंजन और पुर्जों के रखरखाव (Maintenance) की बार-बार समीक्षा की जानी जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों को टाला जा सके।
