न्यूज स्कूप : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई आर्यन यादव की शादी मंगलवार को सैफई में संपन्न हुई। इस शादी समारोह में पूरा सैफई परिवार एकसाथ नजर आया, जिसने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर पारिवारिक एकजुटता का संदेश दिया। इस बीच मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की एक तस्वीर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जहां समारोह में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अखिलेश यादव के पैर छुए।
शादी समारोह में अपर्णा यादव अपने पति प्रतीक यादव और बेटी के साथ पहुंची थीं। अपर्णा ने शादी की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा की हैं, जिसमें वो परिवार के सभी सदस्यों से मिलती हुई दिखाई दे रही हैं।
इन तस्वीरों में यह साफ देखा जा सकता है कि अपर्णा यादव और प्रतीक यादव ने अखिलेश यादव से मिलते ही उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। अखिलेश यादव ने भी दोनों का विवाह समारोह में गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों कुछ देर तक आपस में बातचीत करते भी दिखाई दिए।
यह भाव भंगिमा राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अपर्णा यादव अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सक्रिय सदस्य हैं और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं।
अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद अपर्णा यादव परिवार के दूसरे सदस्यों से भी मिलीं। उन्होंने डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और चाचा शिवपाल यादव से भी मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस मौके पर परिवार की वरिष्ठता और परंपरा का पालन करते हुए अपर्णा ने दूल्हा आर्यन यादव और दुल्हन सेरिंग को भी आशीर्वाद दिया।
यह शादी समारोह इटावा के सैफई में आयोजित किया गया था, जिसमें दोनों परिवारों के सभी सदस्यों के अलावा सपा के सांसद, विधायकों समेत तमाम नेता पहुंचे थे, जिसके बाद विवाह की सारी रस्में अदा की गईं। परिवार के सभी सदस्यों के शादी में शामिल होने से यादव परिवार की एकजुटता दिखाई दी।
अपर्णा यादव अखिलेश यादव के सौतेले छोटे भाई प्रतीक यादव की पत्नी हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव के समय ही वो समाजवादी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गईं थी।
राजनीतिक रूप से ध्रुवीकरण के बावजूद, अपर्णा यादव ने हमेशा पारिवारिक मर्यादा बनाए रखी है। उन्होंने कभी भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव या डिंपल यादव को लेकर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया और न ही सपा अध्यक्ष की ओर से उन पर किसी तरह की टिप्पणी की गई। अपर्णा का विवाह समारोह में अखिलेश यादव के पैर छूना यह दर्शाता है कि राजनीतिक विचारधाराएँ भले ही अलग हों, लेकिन पारिवारिक रिश्ते और सम्मान हमेशा सर्वोपरि है। यह मिलन भविष्य में यादव परिवार की राजनीति के लिए भी संकेत दे सकता है।
