न्यूज स्कूप : भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर कर्तव्य पथ एक ऐतिहासिक पल का गवाह बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान ‘अशोक चक्र’ से अलंकृत किया। शुभांशु शुक्ला उन विरल सैन्य अधिकारियों में शामिल हो गए हैं जिन्हें गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड के दौरान इस प्रतिष्ठित पदक से नवाजा गया है।
यह सम्मान न केवल उनकी वीरता का प्रतीक है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा में उनके ऐतिहासिक योगदान का भी प्रमाण है। परंपरा के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह में केवल अशोक चक्र और परम वीर चक्र ही प्रदान किए जाते हैं, जो इस क्षण की गरिमा को और बढ़ा देता है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने साल 2025 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा कर भारत का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन किया था।
- दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री: वर्ष 1984 में विंग कमांडर (अब सेवानिवृत्त) राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने वाले शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने।
- राकेश शर्मा से समानता: गौरतलब है कि 42 साल पहले राकेश शर्मा को भी उनके अंतरिक्ष मिशन के लिए अशोक चक्र प्रदान किया गया था। शुभांशु ने इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है।
- Axiom Mission: उन्होंने इस मिशन को ‘एक्सिओम मिशन’ (Axiom Mission) के तहत पूरा किया, जिसने भारत की ‘अंतरिक्ष कूटनीति’ को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।
10 अक्टूबर 1985 को जन्मे शुभांशु शुक्ला वायुसेना के उन चुनिंदा पायलटों में से हैं जिनकी कार्यकुशलता और साहस बेजोड़ है।
- प्रशिक्षण और करियर: उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खडकवासला से शिक्षा प्राप्त की और जून 2006 में वायुसेना में कमीशन हासिल किया।
- उड़ान का अनुभव: उनके पास 2000 घंटे से अधिक का फ्लाइंग एक्सपीरियंस है। वे Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, जैगुआर और हॉक जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों के अनुभवी पायलट और टेस्ट पायलट हैं।
- युवा नेतृत्व: वे गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार फाइटर पायलटों में सबसे युवा हैं।
शुभांशु शुक्ला उन चार ‘एस्ट्रोनॉट्स’ में शामिल हैं जिनका परिचय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में देश से कराया था।
- गगनयान टीम: ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर, अजीत कृष्णन और अंगद प्रताप के साथ शुभांशु शुक्ला भारत के पहले स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।
- मिशन 2027: भारत की योजना 2027 की शुरुआत में गगनयान मिशन लॉन्च करने की है, जो 400 किलोमीटर की कक्षा में तीन दिनों तक संचालित होगा।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने कुल 70 सशस्त्र बल कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी:
| पुरस्कार का नाम | प्रमुख प्राप्तकर्ता |
| अशोक चक्र | ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (IAF) |
| कीर्ति चक्र | सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान |
| शौर्य चक्र | अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज |
| सेवा मेडल | विशिष्ट सेवा के लिए थल, नौ और वायुसेना कर्मी |
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक चक्र केवल एक पदक नहीं, बल्कि भारत की वैज्ञानिक प्रगति और सैन्य शौर्य के मिलन का उत्सव है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी कि कैसे एक सैनिक आसमान की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष तक तिरंगा फहरा सकता है।
