न्यूज स्कूप : अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 23 जनवरी 2026 को थाईलैंड से रूस जा रहे अजुर एयरलाइंस (Azure Airlines) के एक बड़े विमान को तकनीकी खराबी के कारण चीन के लांझोऊ एयरपोर्ट पर आपातकालीन स्थिति में उतारना पड़ा। विमान में सवार सभी 238 यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। पायलट की सूझबूझ और चीनी एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी ने एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया।
फ्लाइट डेटा वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार’ के अनुसार, अजुर एयरलाइंस की फ्लाइट ZF-2998 ने दोपहर करीब 1 बजे थाईलैंड के फुकेट से रूस के बरनौल के लिए उड़ान भरी थी। जब विमान लगभग 6.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर था, तभी कॉकपिट में पायलट को तकनीकी खराबी का सिग्नल मिला।
खराबी की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत नजदीकी लांझोऊ एयरपोर्ट (चीन) के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
लैंडिंग से पहले विमान लांझोऊ एयरपोर्ट के पश्चिमी हिस्से में करीब 45 मिनट तक होल्डिंग पैटर्न में उड़ता रहा। उड्डयन विशेषज्ञों के अनुसार, आपातकालीन लैंडिंग से पहले ऐसा दो मुख्य कारणों से किया जाता है:
- फ्यूल डंपिंग: लैंडिंग के समय वजन कम करने के लिए अतिरिक्त ईंधन को हवा में ही जलाना या कम करना।
- तैयारी का समय: एयरपोर्ट पर आपातकालीन सेवाओं (फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम) को रनवे पर व्यवस्थित होने के लिए समय देना।
अजुर एयरलाइंस की प्रेस सर्विस द्वारा जारी बयान के अनुसार, विमान को लांझोऊ एयरपोर्ट के रनवे संख्या-19 पर सुरक्षित तरीके से लैंड कराया गया। लैंडिंग से पहले ही रनवे को पूरी तरह खाली करा लिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एम्बुलेंस और सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहीं। विमान के उतरते ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने जांच शुरू कर दी।
| विवरण | जानकारी |
| एयरलाइंस | अजुर एयरलाइंस (Azure Airlines) |
| फ्लाइट नंबर | ZF-2998 |
| रूट | फुकेट (थाईलैंड) से बरनौल (रूस) |
| कुल यात्री | 238 (चालक दल सहित) |
| लैंडिंग स्थल | लांझोऊ एयरपोर्ट, चीन |
| स्थिति | सभी सुरक्षित, तकनीकी जांच जारी |
अजुर एयरलाइंस के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें एयरपोर्ट टर्मिनल पर ठहराया गया है। एयरलाइंस यात्रियों को उनके गंतव्य (बरनौल) तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान या तकनीकी मरम्मत के बाद इसी विमान का उपयोग करने पर विचार कर रही है। प्रवक्ता ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है और हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।”
तकनीकी खराबी के बावजूद पायलटों के धैर्य और लांझोऊ एटीसी के समन्वय ने 238 जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया। विमानन उद्योग में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सटीक पालन अक्सर ऐसे संभावित खतरों को टालने में सफल रहता है।
