न्यूज स्कूप : आजकल की बदलती जीवनशैली में ग्लूटेन इन्टॉलरेंस (Gluten Intolerance) एक आम समस्या बनती जा रही है। बहुत से लोगों को गेहूं, राई और जौ जैसे अनाजों में मौजूद प्रोटीन ‘ग्लूटेन’ को पचाने में कठिनाई होती है। इसके सेवन से उन्हें दस्त, पेट फूलना (Bloating), गैस और लगातार थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अक्सर लोगों को लगता है कि ग्लूटेन छोड़ने के बाद उनके पास खाने के विकल्प कम हो जाएंगे, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। भारतीय रसोई में ऐसी कई चीजें हैं जो प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन-मुक्त (Gluten-free) हैं। यदि आप भी एक ऐसी डाइट की तलाश में हैं जो प्रोटीन से भरपूर हो, फैट में कम हो और वजन घटाने में भी मदद करे, तो ये 5 स्नैक्स आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
जब बात झटपट बनने वाले हेल्दी नाश्ते की हो, तो बेसन का चीला सबसे ऊपर आता है।
- क्यों है खास: बेसन (चने का आटा) प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन फ्री और प्रोटीन रिच होता है। इसे और अधिक पौष्टिक बनाने के लिए आप इसमें रागी या बाजरे का आटा मिला सकते हैं।
- वेट लॉस टिप: इसमें बहुत कम तेल का उपयोग होता है और सब्जियों (पालक, गाजर) को बारीक काटकर मिलाने से यह फाइबर का भी अच्छा स्रोत बन जाता है।
बाजार के पैकेट बंद चिप्स के बजाय घर पर बना मखाना-चना मिक्स एक बेहतरीन विकल्प है।
- क्यों है खास: मखाना कैल्शियम और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, जबकि भुना हुआ चना आपको लंबे समय तक तृप्त रखता है।
- बनाने का तरीका: हल्के देसी घी में हल्दी और सेंधा नमक के साथ इन्हें रोस्ट करें। यह कम तेल वाला स्नैक आपकी ‘मिड-डे हंगर’ के लिए परफेक्ट है।
मूंग, काला चना और मेथी दाने के स्प्राउट्स को मिलाकर बनाया गया सलाद न्यूट्रिशन का खजाना है।
- क्यों है खास: अंकुरित अनाज में विटामिन्स की मात्रा बढ़ जाती है। इसमें बारीक कटा हुआ खीरा, टमाटर, हरी मिर्च और नींबू का रस मिलाएं। यह ग्लूटेन फ्री होने के साथ-साथ आपके मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।
अगर आपको स्नैक्स में कुछ मीठा खाने का मन करता है, तो फ्रूट योगर्ट बाउल ट्राई करें।
- क्यों है खास: गाढ़े दही या हंग कर्ड में कटे हुए ताजे फल, चिया सीड्स और चुटकी भर दालचीनी पाउडर मिलाएं। मिठास के लिए चीनी के बजाय शहद या मेपल सिरप का उपयोग करें। यह प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है जो आपकी गट हेल्थ (पाचन) को सुधारता है।
मटर की चाट एक ऐसा स्नैक है जो सर्दियों और गर्मियों दोनों में अलग-अलग रूप में खाया जा सकता है।
- क्यों है खास: सर्दियों में ताजी हरी मटर और गर्मियों में सूखे सफेद मटर का उपयोग करें। इसे उबालकर इसमें प्याज, टमाटर, काला नमक और काली मिर्च मिलाएं। यह फैट में बहुत कम और फाइबर में उच्च होता है।
| स्नैक का नाम | मुख्य लाभ | कैलोरी लेवल |
| बेसन चीला | हाई प्रोटीन, पेट भरने वाला | मध्यम |
| मखाना-चना | कैल्शियम और फाइबर | बहुत कम |
| स्प्राउट्स सलाद | विटामिन और एंजाइम्स | कम |
| योगर्ट बाउल | प्रोबायोटिक्स और स्वीट | मध्यम |
| मटर चाट | लो-फैट, चटपटा स्वाद | कम |
ग्लूटेन फ्री डाइट का मतलब स्वाद से समझौता करना बिल्कुल नहीं है। ये विकल्प न केवल आपको एलर्जी से बचाएंगे, बल्कि आपके शरीर को जरूरी अमीनो एसिड और एनर्जी भी प्रदान करेंगे। आज ही अपनी डाइट में इन बदलावों को शामिल करें और फर्क महसूस करें।
