न्यूज स्कूप : जब भी हम समुद्र किनारे छुट्टियों की बात करते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले गोवा या मुंबई के उन बीचों का ख्याल आता है जहाँ सैलानियों का रेला, तेज म्यूजिक और दुकानों की हलचल होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की विशाल तटरेखा पर कुछ ऐसे हिडन बीच (Hidden Beaches) भी हैं, जहाँ वक्त ठहर सा जाता है?
साल 2026 में यदि आप ऐसी ट्रिप की तलाश में हैं जहाँ सुबह की शुरुआत शोर के बजाय पक्षियों की चहचहाहट और लहरों की मंद आवाज से हो, तो ये 5 अनछुए बीच आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित होंगे। यहाँ आप बिना किसी जल्दबाजी के खुद के साथ वक्त बिता सकते हैं।
मशहूर बागा और कलंगुट बीच से कोसों दूर, यह गोवा का एक गुप्त खजाना है।
- कैसे पहुँचें: यहाँ जाने के लिए आपको पालोलेम से नाव लेनी होती है या घने जंगलों के बीच से पैदल (Trekking) रास्ता तय करना पड़ता है।
- खासियत: यह बीच चारों ओर से ऊंची पहाड़ियों और हरियाली से घिरा है। यहाँ का पानी इतना शांत है कि आप घंटों बैठकर लहरों को गिन सकते हैं। यह डॉल्फिन और तितलियों को देखने के लिए भी मशहूर है।
ओडिशा का यह बीच अपनी ‘जादुई’ खासियत के लिए जाना जाता है।
- मैजिक: यहाँ लो टाइड (Low Tide) के दौरान समुद्र का पानी करीब 5 किलोमीटर पीछे चला जाता है।
- अनुभव: आप सचमुच समुद्र के तल पर पैदल चल सकते हैं। यहाँ न कोई शोर है और न ही व्यावसायिक गतिविधियाँ। सूर्यास्त के समय गीली रेत पर सूरज की रोशनी का परावर्तन इसे किसी दूसरी दुनिया जैसा अहसास देता है।
| बीच का नाम | राज्य | मुख्य आकर्षण | वाइब |
| बटरफ्लाई बीच | गोवा | ट्रेकिंग और डॉल्फिन | एकांत और रोमांस |
| चांदीपुर बीच | ओडिशा | पीछे हटता समुद्र | हैरानी और शांति |
| मिनिकॉय बीच | लक्षद्वीप | क्रिस्टल क्लियर पानी | लग्जरी और सुकून |
| ओम बीच | कर्नाटक | चट्टानी किनारा | सादगी और ठहराव |
| पेरूमथुरा बीच | केरल | नारियल के बगीचे | लोकल और शांत |
लक्षद्वीप की दूरस्थ स्थिति इसे भीड़भाड़ से बचाकर रखती है।
- खासियत: यहाँ की रेत सफेद और लहरें बिल्कुल स्थिर होती हैं। लक्षद्वीप की संस्कृति और स्थानीय लोगों का धीमा जीवन आपको भागदौड़ भरी दुनिया से पूरी तरह काट देता है। कई टूरिस्ट यहाँ सिर्फ किताब पढ़ने और साफ नीले आसमान को देखने के लिए आते हैं।
अपने ‘ॐ’ आकार के कारण मशहूर यह बीच कर्नाटक के गोकर्ण में स्थित है।
- वाइब: गोवा की तुलना में गोकर्ण आज भी काफी शांत है। यहाँ की चट्टानों पर बैठकर समुद्र की लहरों का टकराना देखना एक मेडिटेटिव (ध्यानमग्न) अनुभव देता है। यहाँ आपको शांति और आध्यात्मिक ठहराव महसूस होगा।
तिरुवनंतपुरम से कुछ दूरी पर स्थित यह बीच आम टूरिस्ट मैप से बाहर है।
- अनुभव: यहाँ आपको लंबी रेत, कतारबद्ध नारियल के पेड़ और मछुआरों की नावें मिलेंगी। यहाँ कोई कृत्रिम एक्टिविटी नहीं होती। यह जगह उन लोगों के लिए है जो बस चुपचाप बैठकर ढलते सूरज को निहारना चाहते हैं।
साल 2026 में अपनी छुट्टियों को रैंडम पार्टी के बजाय ‘सोलफुल एक्सपीरियंस’ में बदलें। भारत के ये हिडन बीच आपको न केवल मानसिक शांति देंगे, बल्कि आपको प्रकृति के उस रूप से मिलाएंगे जिसे हमने आधुनिकता की भीड़ में खो दिया है।
