20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : भारतीय घरों में ‘दाल-चावल’ या ‘दाल-रोटी’ केवल एक भोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण पोषण का आधार है। मूंग, चना, मसूर और अरहर जैसी दालें हमारे प्रोटीन का प्राथमिक स्रोत हैं। लेकिन अक्सर हम स्वाद के चक्कर में यह भूल जाते हैं कि हर दाल की अपनी एक औषधीय प्रकृति और पोषण स्तर होता है।

हाल ही में मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दालों के चुनाव को लेकर चौंकाने वाली और उपयोगी जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, यदि हम अपनी शारीरिक समस्याओं और बीमारियों के हिसाब से दाल का चुनाव करें, तो यह दवा की तरह काम कर सकती है। आइए जानते हैं कि किस स्वास्थ्य समस्या में कौन सी दाल आपके लिए “सुपरफूड” साबित हो सकती है।

1. हार्ट हेल्थ के लिए: चना दाल (Kala Chana/Split Chickpeas)

यदि आप दिल की बीमारियों से बचना चाहते हैं या कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो चना दाल आपके लिए सबसे बेहतर है।

  • क्यों है फायदेमंद: चने में पोटेशियम, फाइबर और मैग्नीशियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये मिनरल्स ब्लड प्रेशर को मैनेज करने और हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
  • अतिरिक्त लाभ: यह वजन घटाने और मांसपेशियों के निर्माण में भी सहायक है।

2. डायबिटीज के मरीजों के लिए: मसूर दाल (Red Lentils)

मधुमेह या शुगर के रोगियों के लिए दाल का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। दीपशिखा जैन के अनुसार, मसूर की दाल इस मामले में नंबर वन है।

  • क्यों है फायदेमंद: मसूर दाल में फाइबर की उच्च मात्रा होती है। यह कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा कर देती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में भी मदद करती है।

3. PCOS की समस्या में: साबुत मूंग (Whole Green Gram)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से जूझ रही महिलाओं के लिए हार्मोनल संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है।

  • क्यों है फायदेमंद: साबुत मूंग दाल तासीर में हल्की और ठंडी होती है। यह शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करने और हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद करती है। यह पाचन पर बोझ डाले बिना भरपूर आयरन और प्रोटीन देती है।

4. कमजोर पाचन और गट हेल्थ: धुली मूंग (Yellow Moong Dal)

अगर आपको अक्सर ब्लोटिंग, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो भारी दालों के बजाय धुली मूंग का सेवन करें।

  • क्यों है फायदेमंद: धुली मूंग को “दुनिया की सबसे आसानी से पचने वाली दाल” माना जाता है। यह बीमार व्यक्ति या कमजोर गट हेल्थ वाले लोगों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है क्योंकि यह आंतों पर दबाव नहीं डालती और तुरंत ऊर्जा देती है।

दालों का रिपोर्ट कार्ड: किसे क्या खाना चाहिए?

स्वास्थ्य स्थितिअनुशंसित दालमुख्य पोषक तत्व
दिल की बीमारीचना दालपोटेशियम, मैग्नीशियम
डायबिटीजमसूर दालहाई फाइबर, लो जीआई
PCOS/हार्मोनलसाबुत मूंगएंटीऑक्सीडेंट, आयरन
कमजोर पाचनपीली मूंग (धुली)हल्का प्रोटीन

एक्सपर्ट टिप्स: दाल बनाने का सही तरीका

दाल का पूरा पोषण पाने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट कुछ जरूरी बातें बताती हैं:

  1. भिगोना जरूरी: दाल बनाने से कम से कम 30 मिनट पहले उसे भिगो दें। इससे ‘फाइटेट्स’ निकल जाते हैं और दाल आसानी से पचती है।
  2. हींग-जीरे का तड़का: दाल में हींग और जीरे का तड़का न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि गैस की समस्या को भी रोकता है।
  3. मिक्स दाल से बचें: यदि आप किसी विशेष बीमारी के लिए दाल खा रहे हैं, तो एक समय में एक ही तरह की दाल का सेवन करना अधिक प्रभावी होता है।

आपकी रसोई में मौजूद दालें किसी औषधि से कम नहीं हैं। बस जरूरत है सही समय पर सही दाल के चुनाव की। अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति को समझें और फिर इन प्रोटीन के पावरहाउस का लाभ उठाएं।

By News Scoop Desk

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