न्यूज स्कूप : ड्राई फ्रूट्स यानी सूखे मेवे प्रकृति का दिया हुआ अनमोल उपहार हैं। इन्हें ‘न्यूट्रिशन का पावरहाउस’ कहा जाता है क्योंकि इनमें विटामिन, मिनरल्स, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। अक्सर लोग इन्हें कभी भी स्नैक्स की तरह खा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत समय पर खाए गए ड्राई फ्रूट्स सेहत को फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकते हैं?
होलिस्टिक डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. गीतिका चोपड़ा के अनुसार, हर ड्राई फ्रूट की तासीर अलग होती है। अगर आप इनका पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इन्हें खाने की सही टाइमिंग और क्वांटिटी का पता होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं किस ड्राई फ्रूट को कब और कैसे खाना चाहिए।
बादाम विटामिन ई और मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत है।
- सही तरीका: इसे हमेशा रातभर पानी में भिगोकर और सुबह छिलका उतारकर ही खाएं। छिलके में टैनिन होता है जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है। भिगोने से इसमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है।
- फायदा: यह ब्लड शुगर कंट्रोल करता है और ब्रेन हेल्थ के लिए बेस्ट है।
- क्वांटिटी: रोजाना 4 से 6 बादाम पर्याप्त हैं।
काजू कैलोरी से भरपूर होते हैं और इनमें कार्बोहाइड्रेट भी अधिक होता है।
- सही समय: काजू खाने का सबसे अच्छा समय सुबह या दोपहर है जब शरीर को ऊर्जा की अधिक आवश्यकता होती है।
- सावधानी: इसे रात में खाने से बचें, क्योंकि यह वजन बढ़ा सकता है और इंसुलिन स्पाइक या ब्लोटिंग का कारण बन सकता है।
अखरोट दिल और दिमाग दोनों के लिए वरदान है।
- सही समय: इसे सुबह या दोपहर (करीब 12 बजे) खाना सबसे फायदेमंद माना जाता है।
- फायदा: यह स्ट्रेस कम करने और जोड़ों के दर्द में राहत दिलाने में मददगार है।
- क्वांटिटी: दिन भर में 1 या 2 अखरोट ही खाएं।
फाइबर से भरपूर अंजीर पाचन तंत्र के लिए रामबाण है।
- सही तरीका: 1-2 अंजीर को रातभर पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।
- फायदा: यह कब्ज से राहत दिलाता है और गट हेल्थ (आंतों की सेहत) को सुधारता है।
खून की कमी (Anemia) दूर करने के लिए किशमिश बहुत प्रभावी है।
- सही समय: इसे सुबह के समय खाना सबसे बेहतर है। भिगोई हुई किशमिश खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है।
- क्वांटिटी: 8 से 10 किशमिश काफी हैं। (डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह पर ही लें)।
ड्राई फ्रूट्स हेल्दी जरूर हैं, लेकिन इनमें कैलोरी की मात्रा अधिक होती है। इसलिए ‘अति’ करने से बचें। अपनी डाइट में इन्हें सीमित मात्रा में शामिल करने से ही आपको इनका वास्तविक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।
