न्यूज स्कूप : भोजन केवल भूख मिटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ (Biological Clock) को संचालित करने वाला मुख्य ईंधन है। हम क्या खाते हैं, यह तो महत्वपूर्ण है ही, लेकिन ‘कब खाते हैं’, यह उससे भी ज्यादा जरूरी है। आधुनिक जीवनशैली और वर्क-फ्रॉम-होम के कल्चर ने हमारे डिनर का समय 9 से 11 बजे के बीच पहुंचा दिया है, जो स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कई गंभीर बीमारियों की जड़ है।
हार्वर्ड से प्रशिक्षित मशहूर डॉक्टर सौरभ सेठी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर साझा की गई अपनी एक पोस्ट में देर रात डिनर करने के खतरों और सही समय पर भोजन करने के फायदों के बारे में विस्तार से बताया है।
डॉ. सेठी के अनुसार, जब हम देर रात खाना खाते हैं, तो हमारा शरीर उस भोजन को ऊर्जा में बदलने के बजाय ‘सर्केडियन रिदम’ (Circadian Rhythm) के खिलाफ काम करने लगता है:
- इंसुलिन सेंसिटिविटी: देर रात खाना खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर गड़बड़ा जाता है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
- फैट बर्निंग प्रोसेस: रात के समय हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। लेट डिनर करने से फैट जलने की प्रक्रिया (Fat Burning) सुस्त पड़ जाती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।
- नींद की बर्बादी: पाचन प्रक्रिया जारी रहने के कारण स्लीप हार्मोन (Melatonin) बाधित होते हैं, जिससे गहरी नींद नहीं आती और सुबह व्यक्ति थका हुआ महसूस करता है।
विभिन्न शोधों और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, शाम 7 बजे तक डिनर कर लेना स्वास्थ्य के लिए सबसे उत्तम है।
- 15% कम ग्लूकोज: जल्दी डिनर करने से रात के समय ग्लूकोज का स्तर 15% तक कम रहता है, जिससे नींद के दौरान पसीना आना, बुरे सपने और सुबह का सिरदर्द कम होता है।
- डिटॉक्स और रिपेयर: रात का समय शरीर के अंगों के ‘डिटॉक्सिफिकेशन’ और मरम्मत के लिए होता है। यदि पेट खाली रहता है, तो शरीर अपनी ऊर्जा पाचन के बजाय रिकवरी में लगा पाता है।
| कारक | शाम 7 बजे डिनर (जल्दी) | रात 10 बजे डिनर (देर से) |
| पाचन | पूरी तरह पच जाता है | अपच और भारीपन |
| वजन | नियंत्रित रहता है | मोटापा बढ़ता है |
| ब्लड शुगर | स्थिर (Stable) | शुगर स्पाइक का खतरा |
| सुबह का अनुभव | ऊर्जावान और फ्रेश | सुस्ती और थकान |
डॉ. सेठी विशेष रूप से उन लोगों को चेतावनी देते हैं जो पहले से किसी मेडिकल कंडीशन से जूझ रहे हैं:
- फैटी लिवर के मरीज: देर रात का खाना लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालता है और फैट जमा करता है।
- डायबिटीज और प्रीडाइबिटीज: लेट डिनर से ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है (Sugar Spike), जो जानलेवा हो सकता है।
- एसिडिटी के शिकार: खाने के तुरंत बाद सो जाने से एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है।
अच्छी सेहत का राज केवल जिम जाने में नहीं, बल्कि सही समय पर थाली सजाने में भी है। कोशिश करें कि सोने से कम से कम 3 घंटे पहले आपका डिनर पूरा हो जाए। 7 बजे का नियम न केवल आपकी कमर का घेरा कम करेगा, बल्कि आपको लंबी और स्वस्थ उम्र भी देगा।
