न्यूज स्कूप : बिहार में नई सरकार के गठन के बाद आगामी सोमवार (1 दिसंबर 2025) से विधानसभा का महत्वपूर्ण शीतकालीन सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को निर्बाध रूप से संपन्न कराने और राजधानी पटना में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी है।
प्रशासन ने एक अहम फैसला लेते हुए सत्र की अवधि के दौरान राजधानी पटना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता यानी CrPC की धारा 144 के समान है) को लागू कर दिया है। इसके तहत किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस और सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र सोमवार (1 दिसंबर 2025) से शुरू होकर शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) तक चलेगा। पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार द्वारा यह आदेश जारी किया गया है।
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की आशंका बनी रहती है, जिसके कारण यह सुरक्षा कदम उठाना आवश्यक हो गया है।
धारा 163 के प्रभावी रहने के दौरान निम्नलिखित गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी, और उल्लंघन करने पर दंडनीय कार्रवाई की जाएगी:
- अवैध जमावड़ा: पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों का गैरकानूनी रूप से एक स्थान पर एकत्र होना प्रतिबंधित है।
- विरोध गतिविधि: जुलूस, घेराव, धरना या किसी भी प्रकार की आक्रामक और उग्र गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी।
- हथियार: आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर घूमना दंडनीय अपराध करार दिया गया है।
- लाउडस्पीकर: जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
अधिकारियों के अनुसार, यह आदेश सोमवार (1 दिसंबर) से लागू होगा और शुक्रवार (5 दिसंबर) तक प्रभावी रूप से जारी रहेगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम विधानसभा की कार्यवाही को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने और शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की जाएगी। साथ ही, सत्र के दौरान संबंधित मार्गों पर नागरिकों की सुविधा को देखते हुए विशेष ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था भी लागू की जाएगी। इस सख्ती का उद्देश्य केवल विरोध-प्रदर्शनों को रोकना नहीं, बल्कि राजधानी की शांति को भंग होने से बचाना भी है।
