न्यूज स्कूप : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा चरण ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत के साथ मंगलवार को समाप्त हो गया है। चुनाव आयोग से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 20 जिलों की 122 सीटों पर 68.48 फीसदी रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग दर्ज की गई है। बिहार के चुनावी इतिहास में इतनी अधिक वोटिंग कभी नहीं हुई थी। हालांकि, अंतिम आंकड़े अभी आने बाकी हैं।
इस चरण में कुल 1302 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे, जिनका राजनीतिक भाग्य अब 14 नवंबर को होने वाली मतगणना तक ईवीएम (EVM) में कैद हो चुका है।
मुख्य चुनाव आयुक्त: ‘सर्वाधिक प्रतिशत वोटिंग’
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इन चुनावों को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए। उन्होंने कहा कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में 1951 से अब तक हुए सभी चुनावों में सर्वाधिक प्रतिशत वोटिंग हुई है, जो लगभग 66.9 फीसदी है।
CEC ने खासकर महिला मतदाताओं की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारी माताओं और बहनों ने चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा जताया है और 1951 से अब तक हुए सभी चुनावों में सबसे ज्यादा 71 फीसदी मतदान दर्ज किया है।” ज्ञानेश कुमार ने ज़ोर देकर कहा कि बिहार में हुए इन पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनावों ने पूरे भारत को एक नई राह दिखाई है।
पहले चरण और महत्वपूर्ण सीटें
इससे पहले, पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को हुई थी, जिसमें 18 जिलों की 121 सीटों पर 65.08 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। दूसरे चरण में सबकी निगाहें गया टाउन, बेतिया, चैनपुर, चकाई और जमुई जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर टिकी थीं, जहां प्रेम कुमार, रेणु देवी, जमा खान, सुमित कुमार सिंह, जयंत राज, नीरज कुमार सिंह बबलू और श्रेयसी सिंह जैसे कई कद्दावर मंत्री और मौजूदा विधायक मैदान में थे।
वोटिंग के लिए कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए थे। जिन 20 जिलों में वोटिंग हुई, उनमें गया, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, जहानाबाद, भागलपुर, जमुई समेत सात भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिले भी शामिल थे।
NDA या INDIA: किसका पलड़ा भारी?
चुनाव अब अपने अंतिम परिणाम की दहलीज पर खड़ा है। फिलहाल सत्तारूढ़ NDA के पास विधानसभा में 132 विधायक हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 122 के आंकड़े से अधिक है। यह चुनाव मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में निरंतरता और स्थिरता की परीक्षा है।
वहीं, आरजेडी के नेतृत्व वाला विपक्षी इंडिया गठबंधन इस चुनाव को सत्ता विरोधी लहर और युवाओं में बढ़ते असंतोष का लाभ उठाकर राजनीतिक बदलाव की पटकथा लिखने के अवसर के रूप में देख रहा है। 14 नवंबर को यह स्पष्ट हो जाएगा कि बिहार में अगले पाँच सालों के लिए NDA की वापसी होगी या INDIA गठबंधन नई सरकार बनाएगा।
वोटिंग के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
मतदान खत्म होने के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है:
सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, NDA): “बिहार की जनता NDA को पूर्ण बहुमत के साथ जिताने का काम कर रही है।”
राजीव रंजन प्रसाद (JDU): “पूरे बिहार में नीतीश लहर थी। नीतीश कुमार एक बार फिर NDA के ट्रम्प कार्ड बनकर उभरे हैं… एग्जिट पोल का सार यही है कि NDA की सरकार फिर बनेगी।”
मीसा भारती (RJD): “इस बार बदलाव होगा क्योंकि महिलाएं चिंतित हैं, उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है। जब भी मतदान प्रतिशत अधिक होता है, बदलाव होता है।”
शकील अहमद खान (कांग्रेस): “मौजूदा NDA सरकार जा चुकी है, नई सरकार बनेगी। महागठबंधन की सीटें बढ़ेंगी और हमें बहुमत से ज्यादा सीटें मिलेंगी।”

