न्यूज स्कूप : बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार (06 नवंबर) को राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर रिकॉर्डतोड़ 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा न केवल 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव के पहले चरण के 55.81 प्रतिशत मतदान से काफी अधिक है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, यह 1951 के बाद विधानसभा चुनावों के पहले चरण में दर्ज किया गया एक ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत है। पहले चरण में कुल 1314 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत के लिए बिहार के मतदाताओं को बधाई दी और लोकतंत्र में उनकी गहरी आस्था को रेखांकित किया।
पहले चरण के मतदान में मतदाताओं का उत्साह कई जिलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जहाँ मतदान का प्रतिशत राज्य के औसत 64.66% से भी अधिक रहा।
- समस्तीपुर जिला 67.27% मतदान के साथ सबसे आगे रहा, जहाँ कल्याणपुर (71.62%) और समस्तीपुर (72.12%) जैसी सीटों पर 70% से अधिक वोटिंग हुई।
- बेगूसराय जिला औसतन 67.32% मतदान के साथ उच्च रिकॉर्ड दर्ज किया। यहाँ तेघड़ा सीट पर सर्वाधिक 69.75 फीसदी वोटिंग हुई, जो क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी को दर्शाता है।
- मुजफ्फरपुर जिला ने भी औसतन 66.07% का उच्च मतदान दर्ज किया, जहाँ सकरा सीट पर 75.35% और मीनापुर सीट पर 73.29% वोटिंग दर्ज की गई, जो पूरे चरण में सबसे अधिक मतदान वाले क्षेत्रों में से एक है।
- गोपालगंज जिले में 64.96% और मधेपुरा जिले में 65.74% मतदान हुआ, जो मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
वहीं, राजधानी पटना और उससे सटे जिलों में मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही।
- पटना जिला में औसतन 55.02 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई, जो राज्य के औसत से लगभग 9% कम है। पटना की शहरी सीटों पर यह कमी अधिक दिखाई दी। दीघा (39.10%), बांकीपुर (40.00%) और कुम्हरार (39.52%) जैसी सीटों पर मतदान का प्रतिशत 40% के आसपास रहा, जबकि मोकामा (62.16%) और बिक्रम (66.95%) जैसी ग्रामीण सीटों पर उत्साह अधिक दिखा।
- भोजपुर जिला में भी 53.25% ही मतदान दर्ज किया गया, जिसमें आरा सीट पर सबसे कम 45.07% वोटिंग हुई।
- मुंगेर जिला 54.90% के साथ सबसे कम मतदान वाले जिलों में से रहा, जहाँ मुंगेर सीट पर केवल 49.84% वोटिंग हुई।
बिहार में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब चुनाव आयोग दूसरे और अंतिम चरण की तैयारियों में जुट गया है।
- दूसरा चरण: 122 सीटों पर मतदान 11 नवंबर को होगा।
- मतगणना: 14 नवंबर को होगी, जिस दिन सभी 243 सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा और बिहार में नई सरकार के गठन की तस्वीर साफ हो जाएगी।
पहले चरण के इन आंकड़ों ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यह रिकॉर्डतोड़ मतदान किस राजनीतिक दल या गठबंधन के पक्ष में जाएगा।

