27 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव नतीजे आने के बाद भी ‘मेयर’ की कुर्सी को लेकर सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। महायुति (गठबंधन) को स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच शक्ति प्रदर्शन और पद के बंटवारे को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

इस राजनीतिक उलझन को सुलझाने के लिए दिल्ली में शिंदे गुट के पूर्व सांसद राहुल शेवाले और बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम के बीच मैराथन चर्चा हुई, लेकिन सूत्रों के अनुसार यह बैठक बेनतीजा रही। अब गेंद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पाले में है, जो अंतिम निर्णय लेंगे।

बीएमसी का संख्याबल और दावेदारी

227 सदस्यीय बीएमसी में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है। महायुति ने इस आंकड़े को पार कर लिया है, लेकिन दोनों दलों की अपनी-अपनी दलीलें हैं:

  • भारतीय जनता पार्टी (BJP): 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। बीजेपी का तर्क है कि सबसे बड़ा दल होने के नाते मेयर उनका होना चाहिए।
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 29 सीटों पर जीत हासिल की है। पार्टी का कहना है कि मुंबई शिवसेना का गढ़ रही है और गठबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए।

क्या है विवाद की मुख्य वजह?

सूत्रों के मुताबिक, गतिरोध की मुख्य वजह ‘ढाई-ढाई साल’ का मेयर पद फॉर्मूला है।

  1. शिंदे गुट की मांग: एकनाथ शिंदे की शिवसेना चाहती है कि मेयर पद का कार्यकाल दोनों पार्टियों के बीच आधा-आधा बांटा जाए।
  2. बीजेपी का प्रस्ताव: भाजपा ने प्रस्ताव दिया है कि मेयर पद के बदले वे राज्य के अन्य नगर निकायों (Municipal Councils) में शिवसेना को अधिक समर्थन और महत्वपूर्ण पद दे सकते हैं।
  3. गठबंधन का दबाव: दोनों दल जानते हैं कि अलग होकर वे मुंबई पर शासन नहीं कर सकते, इसलिए गठबंधन को मजबूत रखने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन कुर्सी के मोह ने पेंच फंसा दिया है।

‘होटल पॉलिटिक्स’ और गजट नोटिफिकेशन

चुनाव नतीजों के बाद पार्षदों के टूटने के डर से शिंदे गुट ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों को बांद्रा के एक पांच सितारा होटल (ताज लैंड्स एंड) में रखा था।

  • नजरबंदी या सुरक्षा? विपक्ष ने आरोप लगाया कि पार्षदों को कैद में रखा गया है, जबकि पार्टी ने इसे केवल ‘समन्वय बैठक’ करार दिया।
  • ताजा अपडेट: मंगलवार को गजट नोटिफिकेशन (अधिसूचना) जारी होने के बाद, इन पार्षदों को आधिकारिक तौर पर काउंसलर की मान्यता मिल गई है। इसके तुरंत बाद सभी पार्षदों ने होटल से चेक-आउट कर दिया। अब शिवसेना अपने म्युनिसिपल पार्टी ग्रुप का रजिस्ट्रेशन और ग्रुप लीडर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।

बीएमसी चुनाव: एक नजर में

पार्टीसीटेंस्थिति
भाजपा (BJP)89सबसे बड़ी पार्टी
शिवसेना (शिंदे)29किंगमेकर / सहयोगी
महायुति (कुल)118बहुमत प्राप्त
विपक्ष (अन्य)109

मुंबई के मेयर का चुनाव न केवल बीएमसी की सत्ता तय करेगा, बल्कि यह 2026 में महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा भी निर्धारित करेगा। अगले 48 घंटों में फडणवीस और शिंदे की मुलाकात से ही इस ‘मुंबईया सस्पेंस’ का पर्दा उठने की उम्मीद है।

By News Scoop Desk

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