20 Feb 2026, Fri
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कोर्ट में पेश न होने पर कड़ा फैसला: US कोर्ट ने बायजूस के फाउंडर बायजू रवींद्रन पर लगाया 9,591 करोड़ रु का जुर्माना

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न्यूज स्कूप : देश की सबसे बड़ी एडटेक कंपनियों में से एक, बायजूस (Byju’s) के संस्थापक बायजू रवींद्रन को अमेरिका की एक बैंकरप्सी कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट में कई बार पेशी पर अनुपस्थित रहने और जरूरी दस्तावेज जमा करने के आदेशों की अनदेखी करने के कारण, कोर्ट ने उन्हें $1.07 बिलियन (107 करोड़ डॉलर), यानी लगभग 9,591 करोड़ रुपये, चुकाने का आदेश दिया है।

पेशी पर अनुपस्थिति बनी बड़ी वजह

डेलावेयर बैंकरप्सी कोर्ट के जज ब्रेंडन शैनन ने 20 नवंबर को सुनाए गए अपने आदेश में बायजूस की अमेरिकी फाइनेंशियल यूनिट Byju’s Alpha को पैसों के गलत ट्रांजेक्शन और उन्हें छिपाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने पाया कि इस मामले में कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन ने जानबूझकर कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की और जरूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं कराईं।

दरअसल, बायजूस की सहायक इकाई Byju’s Alpha को विशेष रूप से साल 2021 में एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में बनाया गया था। इसका उद्देश्य बायजूस के लिए ग्लोबल लेंडर्स कंसोर्टियम से लगभग $1.2 बिलियन का टर्म लोन जुटाना था। यह कोई स्वतंत्र ऑपरेटिंग बिजनेस नहीं था, बल्कि एक होल्डिंग एंटिटी के रूप में काम करता था।

$553 मिलियन के फंड ट्रांसफर पर फैसला

यह पूरा मामला तब कोर्ट पहुंचा जब $553 मिलियन (55.3 करोड़ डॉलर) की एक बड़ी रकम इस यूनिट के जरिए संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर की गई।

कोर्ट की जांच में सामने आया कि यह पैसा मियामी के एक हेज फंड Camshaft Capital को भेजा गया और वहां से बायजूस तथा उससे जुड़ी अन्य एंटिटीज को ट्रांसफर किया गया। कोर्ट ने इस लेन-देन की प्रक्रिया और उसके पीछे के उद्देश्यों को छिपाने के प्रयास में बायजू रवींद्रन की प्रत्यक्ष भूमिका पाई, जिसके आधार पर उनके खिलाफ यह कड़ा फैसला सुनाया गया।

कोर्ट ने अपने आदेश में बायजूस के फाउंडर बायजू रवींद्रन को निर्देश दिया है कि वे Alpha फंड्स के पूरे अकाउंट्स प्रस्तुत करें। इसमें Camshaft Capital को भेजे गए $533 मिलियन, उस निवेश से बनी लिमिटेड पार्टनरशिप इंटरेस्ट, और अन्य पैसों के ट्रांसफर से जुड़ी सभी जानकारी शामिल करने को कहा गया है।

हालांकि, रवींद्रन को कोर्ट की तरफ से लगाई गई पैनाल्टी (जुर्माना) को तुरंत नहीं देना है, लेकिन यह आदेश उनके लिए एक बड़ा झटका है और अगर इसे अपर कोर्ट की तरफ से नहीं पलटा जाता है तो फिर उन्हें इसे मानने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह फैसला बायजूस के लिए चल रही कानूनी और वित्तीय चुनौतियों को और बढ़ा देगा।

By News Scoop Desk

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