न्यूज स्कूप : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हवा के लगातार खतरनाक होने के बीच, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में महत्वपूर्ण और कड़े बदलाव किए हैं। ये बदलाव सुप्रीम कोर्ट की हालिया सख्त टिप्पणी के बाद तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
CAQM ने बताया कि GRAP की मौजूदा गाइडलाइन 13 दिसंबर 2024 को जारी हुई थी, लेकिन वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए और सक्रिय कदम उठाने के लिए उसके शेड्यूल में संशोधन जरूरी था।
17 और 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान अदालत ने आयोग को फटकार लगाते हुए कहा था कि आयोग को प्रदूषण बढ़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए और समय रहते सख्त कदम उठाने चाहिए। इसी के बाद CAQM की GRAP उपसमिति ने 20 नवंबर को सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत बैठक की और प्रदूषण से निपटने के लिए कई बड़े और अग्रिम बदलावों को मंजूरी दी।
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य यह है कि कम प्रदूषण के स्तर (Stage-I) पर ही उन प्रतिबंधों को लागू कर दिया जाए, जो पहले गंभीर श्रेणियों (Stage-II, III) के लिए थे।
जब हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ होती है, तो अब ये सख्त कदम उठाए जाएंगे:
- बिजली सप्लाई: बिना कटौती बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना, ताकि डीजल जनरेटर (DG Sets) का उपयोग न हो।
- ट्रैफिक मैनेजमेंट: ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती।
- सार्वजनिक परिवहन: सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाना, CNG/इलेक्ट्रिक बसों और मेट्रो की फ्रीक्वेंसी में वृद्धि।
- जागरूकता: टीवी, रेडियो और अखबारों के माध्यम से प्रदूषण संबंधी अलर्ट और परामर्श जारी करना।
जब हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ होती है, तो अब ये प्रतिबंध शामिल होंगे:
- सरकारी दफ्तरों और नगर निगमों के कार्यालय समय में बदलाव भी शामिल होगा।
- इसके साथ ही, केंद्र सरकार भी अपने कार्यालयों के समय में बदलाव पर जल्द ही फैसला लेगी।
जब हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में आती है, तो अब सबसे कड़ा कदम तत्काल लागू होगा:
- सरकारी, निजी और नगरपालिका कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ को घर से काम करने (Work From Home) की अनुमति देने जैसे प्रावधान शामिल हैं। यह प्रावधान पहले स्टेज-IV में था, जिसे अब स्टेज-III में लाया गया है।
CAQM ने स्पष्ट किया है कि GRAP के स्टेज-I, स्टेज-II और स्टेज-III पहले से ही लागू हैं (क्रमशः 14 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 11 नवंबर 2025 से)। अब इन सक्रिय चरणों में किए गए संशोधनों को तुरंत लागू करना सभी एजेंसियों के लिए अनिवार्य होगा।
आयोग ने आदेश जारी कर सभी विभागों से कहा है कि नए बदलावों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से लागू करें, क्योंकि यह निर्णय डिजिटल कम्युनिकेशन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक है।
