न्यूज स्कूप : दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और नवगठित राजनीतिक दल तमिलगा वेत्त्री कज़गम (TVK) के प्रमुख थालापति विजय (Thalapathy Vijay) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सोमवार, 12 जनवरी 2026 को विजय दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) के मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे पिछले साल हुए करूर भगदड़ मामले में लंबी पूछताछ की जा रही है।
बता दें कि 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में विजय की पार्टी की ओर से एक विशाल रैली आयोजित की गई थी, जिसमें भगदड़ मचने के कारण 41 मासूम लोगों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और अब सीबीआई इस मामले की तह तक जाने के लिए विजय से कड़े सवाल कर रही है।
पूछताछ के दौरान सीबीआई के अधिकारियों ने विजय से रैली के प्रबंधन और उनकी व्यक्तिगत भूमिका पर केंद्रित सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक, ये तीन सवाल सबसे महत्वपूर्ण रहे:
- भाषण जारी रखने पर सवाल: “जब आप खुले वाहन पर खड़े थे और आपको साफ दिख रहा था कि भीड़ में लोग बेहोश हो रहे हैं, तब भी आपने अपना भाषण क्यों नहीं रोका? आपने अपनी बात जारी रखने को प्राथमिकता क्यों दी?”
- लापरवाही का आरोप: “भीड़ में लोग दम तोड़ रहे थे और वहां केवल पानी की बोतलें फेंकी जा रही थीं। एक जिम्मेदार नेता के तौर पर आपने तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए?”
- शक्ति प्रदर्शन और देरी: “आप रैली स्थल पर तय समय से काफी देरी से पहुंचे। आपकी इस देरी की वजह से भीड़ में दबाव और उथल-पुथल बढ़ी। क्या यह जानबूझकर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए किया गया था?”
सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस बड़ी रैली के आयोजन में मानकों की अनदेखी की गई थी।
| जांच के बिंदु | विवरण |
| प्लानिंग मीटिंग्स | रैली से पहले पार्टी नेताओं के साथ कितनी बैठकें हुईं और सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई। |
| पुलिस समन्वय | पुलिस और टीवीके के बीच हुए भीड़ नियंत्रण समझौते का पालन क्यों नहीं हुआ? |
| आपातकालीन प्रबंधन | इतनी बड़ी भीड़ के लिए पानी, एम्बुलेंस और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम क्यों नहीं थे? |
| वित्तीय दस्तावेज | सीबीआई ने रैली के खर्च, ट्रांसपोर्ट, वॉलंटियर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं। |
- 27 सितंबर 2025: करूर में टीवीके की रैली के दौरान जबरदस्त भीड़ उमड़ी और विजय के आते ही भगदड़ मच गई।
- 28 सितंबर 2025: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया था।
- 12 जनवरी 2026: थालापति विजय सुबह सीबीआई दफ्तर पहुंचे। पूछताछ शाम 7 बजे तक चलने की संभावना है।
थालापति विजय ने अभिनय की दुनिया छोड़कर राजनीति में कदम रखा है और उनकी पार्टी तमिलनाडु की सत्ता में एक मजबूत विकल्प बनने का दावा कर रही है। हालांकि, करूर की इस दुखद घटना और अब सीबीआई की जांच ने उनकी ‘जननायक’ की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विरोधी दल इस मामले को विजय की “प्रशासनिक अनुभवहीनता” और “सत्ता की भूख” के तौर पर पेश कर रहे हैं।
एजेंसी यह भी जांच रही है कि क्या रैली के लिए अनुमति लेते समय भीड़ की संख्या को कम करके दिखाया गया था। यदि लापरवाही के पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो विजय और उनकी पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।
