न्यूज स्कूप : आज के दौर में फिट रहने के लिए लोग सोशल मीडिया पर चल रहे डाइट ट्रेंड्स को आँख मूंदकर फॉलो करने लगे हैं। चाहे वो सुबह-सुबह ठंडी स्मूदी पीना हो या वजन घटाने के लिए रात में ढेर सारा कच्चा सलाद खाना। लेकिन क्या ये वाकई हेल्दी है? सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह, जिन्होंने कैटरीना कैफ, दीपिका पादुकोण जैसे सितारों और एम.एस. धोनी जैसे एथलीट्स की डाइट को गाइड किया है, ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।
श्वेता शाह का कहना है कि हर शरीर अलग होता है और जो चीज ट्रेंड में है, जरूरी नहीं कि वह आपके पेट, हार्मोन या पाचन तंत्र के लिए सही हो। उन्होंने ऐसी 4 आम ‘हेल्दी’ आदतों के बारे में बताया है जो असल में आपको बीमार कर रही हैं।
स्मूदी को दही, फलों और नट्स का बेहतरीन मिश्रण माना जाता है, लेकिन इसकी तासीर मायने रखती है।
- नुकसान: श्वेता शाह के अनुसार, बहुत ठंडी स्मूदी पीने से शरीर की ‘पाचन अग्नि’ (Digestive Fire) मंद हो जाती है। इससे आपको एनर्जी मिलने के बजाय कमजोरी महसूस हो सकती है और यह आपके हार्मोन्स पर भी बुरा असर डालती है।
- सही तरीका: स्मूदी को कमरे के तापमान (Room temperature) पर लें।
मल्टीग्रेन आटा इन दिनों काफी लोकप्रिय है, लेकिन यह हर किसी को सूट नहीं करता।
- नुकसान: श्वेता बताती हैं कि एक साथ कई तरह के अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार, गेहूं) को मिलाकर खाना कुछ लोगों के पाचन के लिए बहुत भारी हो सकता है। इससे ब्लोटिंग (पेट फूलना) और भारीपन की समस्या हो सकती है।
- सही तरीका: मौसम के अनुसार एक या दो अनाज का ही मेल रखें।
वजन घटाने के लिए लोग रात के खाने में सिर्फ सलाद खाते हैं, जो आयुर्वेद के अनुसार गलत हो सकता है।
- नुकसान: कच्ची सब्जियां पचाने में भारी होती हैं। रात में इन्हें खाने से आपकी गट हेल्थ (गैस्ट्रिक समस्या) खराब हो सकती है और आपकी नींद में खलल पड़ सकता है।
- सही तरीका: रात में सब्जियां स्टीम करके या पकाकर खाना ज्यादा बेहतर है।
फिटनेस फ्रीक लोग वजन बढ़ने के डर से घी को अपनी किचन से बाहर कर देते हैं।
- नुकसान: अच्छी गट हेल्थ और जोड़ों के लुब्रिकेशन के लिए गुड फैट्स बहुत जरूरी हैं, जो देसी घी में प्रचुर मात्रा में होते हैं। घी छोड़ने से शरीर में रूखापन और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।
- सही तरीका: संतुलित मात्रा में (रोजाना 1-2 चम्मच) देसी घी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
श्वेता शाह का मानना है कि डाइट सिर्फ कैलोरी गिनने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर के ‘दोषों’ को संतुलित करने का जरिया है। वह आयुर्वेद आधारित खान-पान पर जोर देती हैं, जहाँ भोजन की तासीर और उसे खाने का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है।
ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय अपने शरीर की सुनें। यदि आपको किसी हेल्दी चीज को खाने के बाद पेट में भारीपन या थकान महसूस होती है, तो समझ लीजिए कि वह आपके लिए सही नहीं है। पोषण के मामले में ‘One Size Fits All’ का नियम काम नहीं करता।
