न्यूज स्कूप : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज (31 दिसंबर, 2025) मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। साल के अंतिम दिन हुई इस बैठक में राज्य सरकार ने किसानों, आदिवासियों, उद्यमियों और आम जनता के हित में कई दूरगामी और ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
कैबिनेट के सबसे बड़े फैसलों में राजधानी रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करना और ऑटो एक्सपो के दौरान नई गाड़ियों की खरीद पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की भारी छूट देना शामिल है।
राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राजधानी रायपुर महानगरीय पुलिस जिले में पुलिस आयुक्त (Police Commissioner System) प्रणाली को 23 जनवरी, 2026 से लागू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) का एक नवीन पद भी सृजित किया गया है।
रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित होने वाले 9वें ऑटो एक्सपो के लिए कैबिनेट ने बड़ा तोहफा दिया है।
- टैक्स में छूट: एक्सपो के दौरान बिकने वाले सभी वाहनों पर ‘लाइफ टाइम रोड टैक्स’ में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
- लाभ: यह छूट पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं और खरीदारों के लिए लागू होगी, जिससे ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
- तेंदूपत्ता खरीद: वर्ष 2026 के लिए तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से खरीद की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन ने ऋण गारंटी देने की अनुमति दी है।
- मिलेट्स को बढ़ावा: कोदो, कुटकी और रागी की खरीद और प्रसंस्करण के लिए लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी दी जाएगी।
- ब्याज मुक्त ऋण: लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत वनोपज के भंडारण और विपणन के लिए 30 करोड़ रुपये का एकमुश्त ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
- उसना मिलिंग प्रोत्साहन: उसना चावल की मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
- स्टाम्प शुल्क में कमी: कस्टम मिलिंग के लिए बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25% से घटाकर 0.05% कर दिया गया है, जिससे मिलर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
- औद्योगिक नीति 2024-30: नई औद्योगिक नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है ताकि सेवा गतिविधियों और विशेषज्ञों की नियुक्ति में आ रही विसंगतियों को दूर किया जा सके।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूरी अदायगी के लिए 55.69 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।
- बचत: इससे राज्य शासन पर हर साल पड़ने वाले 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज का बोझ खत्म हो जाएगा।
- गारंटी मुक्ति: शासन की 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ये निर्णय छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और सामाजिक रूप से नई ऊंचाई पर ले जाने वाले साबित होंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली से जहाँ अपराधों पर लगाम लगेगी, वहीं रोड टैक्स में छूट से आम जनता को नए साल में बड़ी राहत मिलेगी।
