न्यूज स्कूप : छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आधुनिक अपराधों से निपटने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय (PHQ) नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और कई महत्वपूर्ण थाना भवनों का लोकार्पण किया।
लगभग 255 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों, ट्रांजिट हॉस्टल और प्रशासनिक इमारतों की सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुविधाएं पुलिस जवानों के मनोबल को बढ़ाएंगी और उन्हें सकारात्मक माहौल में काम करने की प्रेरणा देंगी।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।
- विस्तार: प्रदेश के पांच जिलों में पहले से ही साइबर थाने संचालित थे, लेकिन अब 8 नए थानों के जुड़ने से नेटवर्क और मजबूत होगा।
- तकनीकी मजबूती: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि सरकार का लक्ष्य हर जिले में साइबर थाना स्थापित करना है ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे अपराधों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि जब पुलिस के पास आधुनिक कार्यस्थल और सुरक्षित आवास होगा, तभी वे अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।
- आवासीय सुविधाएं: कोरिया और दुर्ग जैसे जिलों में अराजपत्रित अधिकारियों और आरक्षकों के लिए बड़ी संख्या में आवास गृहों का निर्माण किया गया है।
- ट्रांजिट हॉस्टल: नारायणपुर, दुर्ग, बलरामपुर और राजनांदगांव में नए ट्रांजिट हॉस्टल शुरू किए गए हैं।
- भारत वाहिनी: बालोद, महासमुंद, बस्तर, कांकेर और कोरिया जिलों में विशेष कैंपस और बटालियन भवनों का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने जिन महत्वपूर्ण भवनों का उद्घाटन किया, उनमें प्रमुख हैं:
- थाना भवन: बीजापुर (तर्रेम, नैमेड़), सुकमा (चिंतागुफा, चिंतलनार), नारायणपुर (भरण्डा, बैनुर), और दुर्ग (पद्द्मनाभपुर, पुलगांव)।
- कार्यालय: बेमेतरा (एसडीओपी बेरला), दुर्ग (एसडीओपी धमधा), और राजनांदगांव (एस.आई.बी. फील्ड यूनिट)।
- विशेष इकाइयां: रायपुर के माना में सेंट्रल आर्म्स स्टोर और सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की नई चौकी।
| प्रोजेक्ट | संख्या / विवरण |
| कुल लागत | ₹255 करोड़ |
| नए साइबर थाने | 08 |
| नए थाना भवन | 09 जिलों में |
| आवासीय गृह | 200+ (विभिन्न श्रेणियों में) |
| ट्रांजिट हॉस्टल | नारायणपुर, दुर्ग, बलरामपुर, राजनांदगांव |
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के महानिदेशक पवन देव, और एडीजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी जैसे एसआरपी कल्लूरी, प्रदीप गुप्ता, विवेकानंद सिन्हा और दीपांशु काबरा उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों को समय पर और सुंदर भवनों के निर्माण के लिए सराहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह कदम छत्तीसगढ़ पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। बेहतर सुविधाओं और आधुनिक तकनीक (साइबर थानों) के जरिए प्रदेश की जनता को अधिक सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद है।
