न्यूज स्कूप : छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करते हुए राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐतिहासिक ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ अब उन चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जो अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा रविवार को रायपुर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन के दौरान की। इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत (58%) की दर से महंगाई भत्ता मिलेगा।
- अगस्त 2025 का अपडेट: इससे पहले, राज्य सरकार ने अगस्त 2025 में डीए में 2 प्रतिशत की वृद्धि की थी, जिससे यह 55 प्रतिशत तक पहुँचा था।
- नई बढ़ोतरी: अब 3 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि के बाद यह केंद्र सरकार के मौजूदा स्तर की बराबरी कर चुका है।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कहा कि उन्हें कर्मचारियों की भावनाओं और अपेक्षाओं का पूरा सम्मान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- समिति का गठन: कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों के समाधान के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। यह समिति व्यावहारिक और संतुलित समाधान निकालने के लिए संघ के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगी।
- तेजी से फैसले: सीएम ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े फैसलों में सरकार की ओर से कभी देरी नहीं होगी।
- कठिन परिश्रम का सम्मान: मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कर्मचारी दिन-रात प्रदेश के विकास के लिए समर्पित रहते हैं, इसलिए उन्हें बराबरी का हक देना सरकार की प्राथमिकता है।
राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील फैसले का जोरदार स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में 3% का अतिरिक्त भत्ता उनके घरेलू बजट को संभालने में बड़ी राहत देगा। संघ ने उम्मीद जताई है कि वेतन विसंगति और अन्य मुद्दों पर भी सरकार इसी तरह सकारात्मक रुख अपनाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह कदम न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देगा, बल्कि राज्य प्रशासन में कार्यक्षमता को भी बढ़ावा देगा। केंद्र के समान डीए की घोषणा कर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि छत्तीसगढ़ अब विकास और कर्मचारी कल्याण के मामले में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में है।
