20 Feb 2026, Fri
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AI चैटबॉट से ये 4 तरह के सवाल पूछना है ख़तरनाक: रिकॉर्ड होती है हर Query, लग सकती है साइबर क्राइम की धारा

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न्यूज स्कूप : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट अब हर किसी की जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। चाहे सवाल पूछना हो, काम आसान करना हो या कोई जटिल जानकारी ढूंढनी हो, हम इन्हीं पर निर्भर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन चैटबॉट्स से कुछ तरह के सवाल पूछना आपको सीधे कानून के जाल में फंसा सकता है?

यह डिजिटल दुनिया का एक नया और गंभीर खतरा है, जहां एक छोटी सी जिज्ञासा या मज़ाक में की गई गलती भी बड़ा कानूनी नुकसान कर सकती है। कई देशों में साइबर लॉ इतने सख्त हो चुके हैं कि गलत सवाल या गलत जानकारी मांगना भी अपराध की श्रेणी में आ जाता है, क्योंकि आपकी हर Query सिस्टम लॉग्स में हमेशा के लिए सुरक्षित (Saved) हो जाती है।

ये 4 तरह के सवाल आपको पहुंचा सकते हैं जेल

कई बार लोग मज़ाक में या जिज्ञासा में चैटबॉट्स से ऐसी जानकारी पूछ लेते हैं जो कानून के खिलाफ होती है। सुरक्षा एजेंसियां ऐसे सवालों पर अलर्ट मोड में आ जाती हैं:

1. गैर-कानूनी जानकारी मांगना

अगर आप चैटबॉट्स से हथियार बनाना, बैंकिंग सिस्टम हैक करना, किसी की गोपनीय जानकारी चुराना (Data Theft) या साइबर अटैक करने के तरीके पूछते हैं, तो यह गंभीर अपराध बन सकता है। भारत के IT Act (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम) और अन्य साइबर सुरक्षा कानूनों के तहत ऐसी जानकारी मांगना या उसका प्रयास करना भी अपराध माना जाता है। अगर यह रिकॉर्ड हो जाए तो जांच एजेंसियां इसे दुर्भावनापूर्ण या संदिग्ध गतिविधि समझकर कार्रवाई कर सकती हैं।

2. हिंसा, दंगा या अवैध गतिविधियों से जुड़े सवाल

कोई भी चैटबॉट अगर हिंसा भड़काने, दंगे फैलाने, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने या किसी अवैध संगठन से जुड़े सवालों पर प्रतिक्रिया दे तो यह गंभीर अपराध बन जाता है। भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र, सुरक्षा एजेंसियां ऐसे सवालों पर तुरंत अलर्ट हो जाती हैं और रिकॉर्ड में सुरक्षित आपके सवाल के आधार पर आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

3. संवेदनशील सरकारी डेटा या सुरक्षा से जुड़ी जानकारी

सैन्य सिस्टम कैसे तोड़े जाते हैं, पुलिस नेटवर्क कैसे काम करता है, या सरकारी वेबसाइटों में घुसपैठ कैसे करें—ऐसे सवाल पूछना देश की सुरक्षा से खिलवाड़ माना जाता है। कई देशों में यह जासूसी या साइबर आतंकवाद की श्रेणी में आता है, जिसकी सज़ा काफी कठोर होती है और जेल तक हो सकती है।

4. किसी की निजी जानकारी निकालने की कोशिश

किसी व्यक्ति का पता, बैंक डिटेल, लोकेशन या निजी डेटा चैटबॉट के जरिए पूछना भी अपराध है। यह साइबर स्टॉकिंग और डेटा चोरी के अंतर्गत आता है। चूंकि डिजिटल सिस्टम में ऐसी क्वेरी सेव हो जाती है, शिकायत होने पर जांच एजेंसियां आपको आसानी से ट्रैक कर सकती हैं।

कानूनी जाल से कैसे बचें?

AI का उपयोग करते समय हमेशा सावधानी बरतें, क्योंकि आपकी डिजिटल फुटप्रिंट हमेशा सुरक्षित रहती है:

  • हर सवाल सोच-समझकर पूछें, क्योंकि आपका रिकॉर्ड हमेशा सेव रहता है और जरूरत पड़ने पर जांच के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
  • चैटबॉट से कभी भी गैर-कानूनी या प्रतिबंधित जानकारी न मांगें।
  • मज़ाक या प्रयोग के नाम पर भी खतरनाक सवाल न पूछें।
  • देश के साइबर सुरक्षा कानूनों और IT Act के प्रति जागरूक रहें।

By News Scoop Desk

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