न्यूज स्कूप : दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले और सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल को लेकर चल रही जाँच में फरीदाबाद का अल-फलाह यूनिवर्सिटी मुख्य रूप से जाँच के घेरे में आ गया है। गुरुवार (13 नवंबर 2025) को बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad) यूनिवर्सिटी परिसर में पहुंचा, जहाँ से दिल्ली आतंकी हमले से जुड़ी तीसरी कार बरामद की गई।
यह तीसरी कार, एक मारुति सुजुकी ब्रेजा, यूनिवर्सिटी के भीतर से जब्त की गई, जिसकी ओनर गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन सईद हैं। बम स्क्वॉड की टीम इस कार की बारीकी से जाँच के लिए मौके पर पहुंची है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इसका इस्तेमाल विस्फोटक या आईईडी ले जाने के लिए किया गया था या नहीं।
जाँच में यह खुलासा हुआ था कि संदिग्धों ने आईईडी ले जाने और रेकी (Toh Lena) के लिए कुल तीन कारें — एक सफेद हुंडई i20 (जिसमें विस्फोट हुआ), एक लाल फोर्ड इकोस्पोर्ट, और एक मारुति सुजुकी ब्रेजा — खरीदी थीं। सुरक्षा एजेंसियों ने अब तीनों कार का पता लगाकर उन्हें जब्त कर लिया है।
दूसरी कार: इससे पहले 12 नवंबर को पुलिस ने लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार को फरीदाबाद के खंडावली गाँव से जब्त किया था। यह कार डॉ. उमर नबी के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस के मुताबिक, उमर ने लाल किला क्षेत्र की टोह लेने के लिए इस इकोस्पोर्ट कार का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया है जिसने कथित तौर पर इस कार को गाँव में छिपाया था।
तीसरी कार: डॉ. शाहीन सईद की मारुति सुजुकी ब्रेजा, जिसे आज अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जब्त किया गया।
जांच में एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। गुरुवार को हुए डीएनए टेस्ट से इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई है कि विस्फोट वाली कार डॉ. उमर नबी ही चला रहा था।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास कार में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकवादी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, एनआईए (NIA) ने इस आतंकी हमले की जाँच के लिए 10 अधिकारियों की एक विशेष टीम का गठन किया है, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाँच करेगी।
अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर की सघन जांच और तीनों कारों के फॉरेंसिक विश्लेषण से इस आतंकी मॉड्यूल के बारे में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
