न्यूज स्कूप : : 10 नवंबर को लाल किले के पास हुई दुखद कार ब्लास्ट की घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियों (NIA) ने अपनी जाँच तेज़ कर दी है, और हर रोज़ नए व चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ में सामने आया है कि उनके मॉड्यूल के निशाने पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल, खास तौर पर अयोध्या और वाराणसी के मंदिर थे।
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी अयोध्या में भी बड़ा विस्फोट करने की फिराक में थे। इस खतरनाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए, पहले ही गिरफ्तार हो चुकी डॉक्टर शाहीन ने अयोध्या में एक स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट भी कर रखा था। सौभाग्य से, यह मॉड्यूल अयोध्या में किसी भी घटना को अंजाम तक पहुंचाता, उससे पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने इसका पर्दाफाश कर दिया।
लाल किला ब्लास्ट: हड़बड़ी का नतीजा?
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि लाल किला के पास हुआ ब्लास्ट शायद हड़बड़ी का नतीजा हो सकता है। शुरुआती जाँच में पाया गया है कि विस्फोटक में किसी भी तरह के टाइमर या अन्य उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जो दर्शाता है कि पकड़े जाने के डर से या किसी अन्य दबाव के चलते यह घटना जल्दबाजी में की गई होगी।
हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़-भाड़ वाले स्थान
आतंकियों से पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस आतंकी मॉड्यूल का अगला बड़ा टारगेट अस्पताल थे, ताकि विस्फोट के बाद अराजकता फैले और ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुँचाया जा सके। उनकी हिट लिस्ट में अस्पताल और अन्य भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थान भी शामिल थे, जहाँ एक साथ बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
दिल्ली ब्लास्ट की जांच में अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी और तात्कालिक चुनौती 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना है। सूत्रों की मानें तो कुल 2900 किलोग्राम विस्फोटक अब तक एजेंसियों द्वारा बरामद किया जा चुका है, लेकिन अभी भी यह बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद नहीं हो पाई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आतंकियों तक यह विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते, नेपाल और फिर हिंदुस्तान पहुँचाया गया था। इस नेटवर्क से जुड़े कई लोग अभी भी फरार हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे देश के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी की जा रही है।
महाराष्ट्र से भी एक गिरफ्तारी
इसी सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस (ATS) ने दिल्ली ब्लास्ट मामले में ठाणे से इब्राहिम आबदी नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया है। इब्राहिम की पत्नी ने मीडिया को बताया कि उनके पति कॉलेज में प्रोफेसर रहे हैं और उनका आतंकवाद से कोई नाता नहीं है। एटीएस ने उनके घर तीन घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया और उनके कंप्यूटर की हार्डडिस्क व फोन जब्त कर लिए हैं।
चूंकि 300 किलोग्राम विस्फोटक अभी भी बरामद नहीं हुआ है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है, यह स्पष्ट है कि देश पर आतंकी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है।

