द लोकतंत्र : राजधानी दिल्ली और एनसीआर में कड़ाके की सर्दी के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ाई हुई हैं। बुधवार सुबह घर से बाहर निकलने वाले लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं आम हो गई हैं।
बुधवार सुबह करीब 6 बजे राजधानी दिल्ली के लगभग सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जो ‘बहुत गंभीर’ (Very Severe) श्रेणी में आता है। कुछ स्थानों पर स्थिति ‘सीवियर’ (Severe) के करीब पहुंच गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई हॉटस्पॉट इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है:
| इलाका | AQI स्तर |
| बवाना | 378 |
| मुंडका | 371 |
| रोहिणी | 364 |
| जहांगीरपुरी | 363 |
| वजीरपुर | 361 |
| नेहरू नगर | 360 |
| आनंद विहार | 341 |
| अशोक विहार | 351 |
वहीं, तुलनात्मक रूप से बेहतर माने जाने वाले लोधी रोड (286), आईजीआई एयरपोर्ट, और सीआरआरआई मथुरा रोड (296) जैसे इलाकों में भी AQI 250 से 300 के बीच बना हुआ है।
लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में ग्रैप (GRAP) के चौथे चरण यानी स्टेज-IV की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
प्रमुख पाबंदियां:
- निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक: दिल्ली में सभी प्रकार के निर्माण कार्यों (Construction Work) पर पूरी तरह रोक है। इसमें सड़कों, फ्लाईओवर, इमारतों और अन्य परियोजनाओं से जुड़े सभी कंस्ट्रक्शन वर्क फिलहाल बंद रहेंगे।
- ट्रकों की एंट्री बैन: आवश्यक सेवाओं और जरूरी सामान की आपूर्ति करने वाले CNG और इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर, दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रकों की एंट्री दिल्ली में प्रतिबंधित है।
- LVCs पर रोक: गैर-जरूरी सेवाओं से जुड़े हल्के कमर्शियल वाहन (LCVs) भी दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
CAQM ने NCR पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदूषण को और बढ़ने से रोकने के लिए सभी उपायों को सख्ती से लागू करें।
डॉक्टरों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। फिलहाल, मौसम में बड़े बदलाव या तेज हवा के बिना दिल्ली की हवा में सुधार की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
