न्यूज स्कूप : “डार्लिंग, डार्लिंग, दिल क्यों तोड़ा…पीलो-पीलो दूध सोडा!” रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ का यह डायलॉग और गाना इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। फिल्म की लोकप्रियता के साथ-साथ इसमें दिखाई गई ड्रिंक ‘दूध सोडा’ (Doodh Soda) का ट्रेंड भी सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ गया है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग इसकी रेसिपी शेयर कर रहे हैं और इसे सर्दियों के लिए ‘पेट साफ करने वाली’ ड्रिंक बता रहे हैं।
लेकिन, क्या रील लाइफ की यह ड्रिंक रियल लाइफ में भी उतनी ही फायदेमंद है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डायटीशियन की मानें तो यह कॉम्बिनेशन स्वाद में भले ही अनोखा लगे, लेकिन सेहत के लिए एक ‘साइलेंट विलेन’ साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि ‘धुरंधर स्टाइल’ का यह दूध सोडा आपके शरीर को कैसे नुकसान पहुँचाता है।
दूध सोडा बनाने का तरीका काफी सरल है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह दो विपरीत प्रकृति की चीजों का मेल है।
- रेसिपी: इसमें ठंडे या हल्के गुनगुने दूध में चीनी, गुलाब जल और इलायची मिलाई जाती है। इसके बाद इसमें ऊपर से कार्बोनेटेड सोडा या फिर सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे 7-Up, स्प्राइट, कोक या लिम्का मिलाया जाता है।
- सावधानी: सोडा को बहुत धीरे-धीरे मिलाया जाता है, क्योंकि सोडा का एसिडिक स्वभाव दूध को तुरंत फाड़ सकता है।
टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में गंगाराम हॉस्पिटल की सीनियर डायटीशियन फारेहा शानम ने बताया कि दूध और सोडा का मिश्रण एक ‘बैड फूड कॉम्बिनेशन’ है।
उनके अनुसार इसके मुख्य नुकसान निम्नलिखित हैं:
- एसिडिटी और पेट की समस्या: सोडा एक एसिडिक कंटेंट है, जबकि दूध प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है। जब ये दोनों पेट में मिलते हैं, तो पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। इससे भारीपन, गैस, ब्लोटिंग और लंबे समय में पेट में अल्सर (Ulcer) होने का खतरा बढ़ जाता है।
- हड्डियों का कमजोर होना: कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में फॉस्फोरिक एसिड होता है, जो शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। दूध से मिलने वाला कैल्शियम शरीर को लगने के बजाय सोडे के कारण नष्ट होने लगता है, जिससे हड्डियां कमजोर (Osteoporosis) हो सकती हैं।
- शुगर और मोटापा: अगर आप दूध में स्प्राइट या लिम्का जैसी कोल्ड ड्रिंक्स मिलाते हैं, तो आप अनजाने में भारी मात्रा में ‘रिफाइंड शुगर’ और ‘केमिकल फ्लेवर्स’ का सेवन कर रहे हैं। यह तेजी से वजन बढ़ाता है और शरीर में इंसुलिन के स्तर को बिगाड़ देता है।
- बच्चों और मरीजों के लिए जहर: डायटीशियन के मुताबिक, यह ड्रिंक बच्चों के विकासशील पाचन तंत्र के लिए बहुत खराब है। साथ ही, डायबिटीज और मोटापे (Obesity) से जूझ रहे लोगों को इस ट्रेंड से कोसों दूर रहना चाहिए।
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई शौकिया तौर पर इसे कभी-कभार (महीने में एक बार) पीता है, तो शरीर उसे झेल सकता है। लेकिन इसे ‘हेल्थ ड्रिंक’ समझकर रोजाना पीना या पेट साफ करने के नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक है।
फिल्म ‘धुरंधर’ का मनोरंजन अपनी जगह है, लेकिन खानपान के मामले में फिल्मी ट्रेंड्स को आंख मूंदकर फॉलो करना भारी पड़ सकता है। सेहतमंद रहने के लिए सादा दूध या हल्दी वाला दूध पिएं, ‘दूध सोडा’ नहीं।
