न्यूज स्कूप : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश की चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुगम और हाई-टेक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन सम्मेलन के दौरान ‘ECINet App’ को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसने आयोग के पहले से चल रहे 40 से ज्यादा अलग-अलग ऐप्स और सुविधाओं को एक ही सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इस ऐप को लॉन्च करते हुए दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों को भारत की इस तकनीकी पहल का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह ऐप न केवल भारतीय मतदाताओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रबंधन के लिए एक मॉडल बनेगा।
ऐप लॉन्च के मौके पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब ऐप्स हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं, चुनाव प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाना अनिवार्य था। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ECINet App का आर्किटेक्चर इतना मजबूत है कि इसे हैक करना लगभग असंभव है। चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने भी तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि योजना प्रबंधन और निर्माण में यह ऐप एक मील का पत्थर है।
यह ऐप मतदाताओं और उम्मीदवारों, दोनों के लिए सुविधाओं का भंडार है:
- वन-स्टॉप सॉल्यूशन: वोटर आईडी, पोलिंग स्टेशन, कैंडिडेट एफिडेविट (शपथ पत्र) और मतदाता सूची से जुड़ी हर जानकारी एक ही जगह मिलेगी।
- रियल-टाइम डेटा: मतदान का प्रतिशत (Polling Percentage) और चुनाव नतीजे (Results) लाइव देखे जा सकेंगे।
- शिकायत निवारण: यदि कोई पार्टी या उम्मीदवार आचार संहिता का उल्लंघन करता है, तो सीधे ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है।
- BLO से संपर्क: मतदाता अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ कॉल बुक कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।
- बीटा टेस्टिंग की सफलता: इस ऐप का बीटा वर्जन बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान आजमाया गया था। आम जनता से मिले 15,000 से ज्यादा सुझावों के आधार पर इसे अंतिम रूप दिया गया है।
| फीचर | विवरण |
| ऐप का नाम | ECINet (ईसीआईनेट) |
| प्लेटफॉर्म एकीकरण | 40+ ऐप्स को मिलाया गया |
| मुख्य फोकस | पारदर्शिता और सुलभता |
| सुरक्षा | मल्टी-लेयर एन्क्रिप्शन (Un-hackable) |
| उपलब्धता | एंड्रॉइड और आईओएस (iOS) |
ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने इस ऐप के निर्माण में ‘क्राउड-सोर्सिंग’ का सहारा लिया। लोगों से फीडबैक मांगा गया था और आयोग भविष्य में भी सुधार के लिए सुझावों का स्वागत करेगा। यह पहल दर्शाती है कि चुनाव आयोग अब केवल रेगुलेटर नहीं, बल्कि सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका में भी खुद को ढाल रहा है। इस ऐप के आने से चुनाव के दौरान अफवाहों पर लगाम लगेगी और लोगों को सीधे आयोग से सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।
ECINet App ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक सशक्त कदम है। अब मतदाताओं को अलग-अलग वेबसाइट्स या ऐप्स पर भटकने की जरूरत नहीं होगी। यह ऐप न केवल चुनाव प्रबंधन को आसान बनाएगा, बल्कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
