न्यूज स्कूप : आज की डिजिटल दुनिया में, कैश में लेनदेन करने वाले लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है। भारत में छोटे-छोटे दुकानों से लेकर बड़े-बड़े मॉल तक, हर जगह ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध है। इस बदलाव के चलते अधिकांश लोग एक से अधिक बैंक अकाउंट रखने लगे हैं। अलग-अलग कंपनियों या व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए लोगों के पास अक्सर दो से तीन बैंक खाते होते हैं।
हालांकि, अगर आपके पास कई बैंक अकाउंट हैं और आप जल्दबाजी में किसी बैंक खाते को बंद करने का फैसला लेते हैं, तो आपको कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए। एक छोटी सी चूक भी आपको भारी आर्थिक नुकसान या कानूनी परेशानी में डाल सकती है।
आइए जानते हैं कि बैंक अकाउंट बंद करते समय किन 3 प्रमुख बातों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है:
यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। आजकल अधिकांश वित्तीय लेनदेन और बिलों का भुगतान ऑटो डेबिट या ऑटो पेमेंट के माध्यम से होता है।
- अगर आपके मासिक EMI, SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान), बीमा प्रीमियम या बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिल उसी खाते से ऑटो डेबिट होते हैं, तो खाते के बंद होते ही ये सभी पेमेंट रुक जाएंगे।
- परिणाम: पेमेंट रुकने के कारण आपको जुर्माना (Penalty) लग सकता है। बीमा प्रीमियम न भरने पर पॉलिसी लैप्स हो सकती है, और SIP रुकने से आपके निवेश लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
समाधान: पुराना खाता बंद करने से पहले, सभी आवश्यक ऑटो डेबिट लिंक्स को नए बैंक अकाउंट में पहले से ही अपडेट कर लेना चाहिए।
पुराने बैंक अकाउंट्स को लंबे समय तक इस्तेमाल न करने पर भी कई बार बिना ध्यान दिए अलग-अलग चार्ज जुड़ते रहते हैं। जैसे न्यूनतम बैलेंस न रखने का शुल्क (MAB Charges) या सर्विस शुल्क।
- कई बार यह शुल्क इतना अधिक हो जाता है कि अकाउंट का बैलेंस निगेटिव हो जाता है।
- ऐसे में, जब आप अकाउंट बंद करने का आवेदन करते हैं, तो बैंक आपसे पहले यह बकाया राशि चुकाने की बात कह सकता है। यदि आप इसे अनदेखा करते हैं, तो बैंक बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है या आपका नाम क्रेडिट स्कोर को प्रभावित कर सकता है।
समाधान: अकाउंट बंद करने से पहले, उसका अंतिम बैलेंस स्टेटस ऑनलाइन या बैंक शाखा जाकर एक बार जरूर चेक करना चाहिए और सभी बकाया राशि का भुगतान कर देना चाहिए।
भले ही आपने बंद करने वाले अकाउंट का डेबिट कार्ड या चेकबुक लंबे समय से इस्तेमाल न किया हो, फिर भी बैंक उस पर अपना सालाना चार्ज लगाती रहती है।
- इसके साथ ही, SMS अलर्ट या अन्य बैंकिंग सेवाओं के शुल्क भी पेंडिंग हो सकते हैं। कई बैंक अकाउंट बंद करने के लिए भी एक क्लोजर फीस लेते हैं, खासकर अगर खाता खोलने के एक साल के भीतर बंद किया जा रहा हो।
- अकाउंट बंद करने से पहले इन सभी बकाया फीस का भुगतान करना अनिवार्य है, अन्यथा बैंक आपको क्लोजर सर्टिफिकेट जारी नहीं करेगा।
अंतिम सलाह: अकाउंट बंद करते समय सुनिश्चित करें कि आपने अपने सभी सरकारी लिंक्स (जैसे ITR रिफंड या सब्सिडी) को नए खाते से जोड़ दिया है, और बैंक को अपना क्लोजर फॉर्म जमा करने के साथ ही सभी पुराने डेबिट कार्ड और चेकबुक भी जमा कर दिए हैं।
