17 Mar 2026, Tue
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न्यूज स्कूप : साल 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है और पूरी दुनिया नई उम्मीदों के साथ 2026 के स्वागत की तैयारियों में जुटी है। नए साल का जश्न मनाने के लिए कोई पार्टी का प्लान कर रहा है, तो कोई पहाड़ों की शांति की तलाश में है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि नए साल की पहली सुबह का स्वागत उस जगह किया जाए, जहाँ पूरे भारत में सबसे पहले सूरज की किरणें धरती को छूती हैं?

अगर आप इस यादगार पल का गवाह बनना चाहते हैं, तो आपको रुख करना होगा भारत के सुदूर पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश की ओर। यहाँ का डोंग गांव (Dong Village) वह जादुई स्थान है, जो देश में सबसे पहले ‘नए सवेरे’ का स्वागत करता है।

डोंग गांव: जहाँ भारत में सबसे पहले उगता है सूरज

अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ (Anjaw) जिले में स्थित डोंग गांव भारत का सबसे पूर्वी बिंदु (Easternmost point) माना जाता है। अपनी खास भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) और अधिक ऊंचाई के कारण यहाँ देश के बाकी हिस्सों की तुलना में करीब 1 से 1.5 घंटे पहले सूर्योदय हो जाता है।

  • सूर्योदय का समय: डोंग वैली में साल के पहले दिन का सूरज सुबह 4:30 से 5:30 के बीच दिखाई देता है। इसलिए, यदि आप यहाँ हैं, तो आपको कड़ाके की ठंड में तड़के 4 बजे से पहले जागना होगा।

डोंग गांव कैसे पहुँचें? (Travel Guide)

डोंग गांव तक पहुँचना थोड़ा चुनौतीपूर्ण लेकिन रोमांचक है। यहाँ जाने के लिए आपको हवाई, रेल और सड़क मार्ग का सहारा लेना होगा:

  1. हवाई मार्ग (Air): सबसे नजदीकी हवाई अड्डा असम का डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) या गुवाहाटी है। यहाँ से आप टैक्सी ले सकते हैं।
  2. रेल मार्ग (Rail): नजदीकी रेलवे स्टेशन तिनसुकिया (Tinsukia) या डिब्रूगढ़ है। दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से यहाँ के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
  3. सड़क मार्ग (Road): तिनसुकिया से आपको अंजॉ जिले के मुख्यालय तेजू (Tezu) पहुँचना होगा। तेजू से आगे वालॉन्ग (Walong) तक का सफर बस या टैक्सी से तय किया जा सकता है।
  4. ट्रेकिंग (Trekking): वालॉन्ग से डोंग गांव तक पहुँचने के लिए आपको लगभग 1.5 से 2 घंटे की हल्की ट्रैकिंग करनी होगी। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच यह ट्रेक आपके सफर का सबसे यादगार हिस्सा होगा।

डोंग वैली में घूमने की खास जगहें

सिर्फ सूर्योदय ही नहीं, डोंग वैली अपनी बेमिसाल प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मशहूर है:

  • नीली लोहित नदी: पहाड़ों के बीच से बहती लोहित नदी का साफ नीला पानी किसी पेंटिंग जैसा लगता है।
  • तिलम हॉट स्प्रिंग (Tilam Hot Spring): डोंग ट्रेक के पास ही प्राकृतिक गर्म पानी का झरना है। कड़ाके की सर्दी में मिनरल युक्त गर्म पानी में डुबकी लगाना थकान मिटाने और जोड़ों के दर्द के लिए वरदान माना जाता है।
  • सिको डिडो झरना: घाटी के पास स्थित यह जलप्रपात सैलानियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
  • हवा कैंप (Hawa Camp): तेजू के पास स्थित इस जगह से पूरी घाटी का विहंगम नजारा दिखाई देता है।
  • सांस्कृतिक अनुभव: यहाँ मेयो (Meyor) जनजाति रहती है। उनकी अनूठी संस्कृति और खानपान को करीब से देखना एक अलग अनुभव होगा।

साल 2026 की पहली किरण को सबसे पहले देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। डोंग गांव की यह यात्रा न केवल आपको प्रकृति के करीब ले जाएगी, बल्कि आपको वह गर्व महसूस कराएगी कि आपने ‘उगते सूरज के देश’ भारत के पहले सवेरे का स्वागत किया है।

By News Scoop Desk

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