न्यूज स्कूप : हर नौकरीपेशा इंसान महीने की पहली तारीख का इंतजार करता है। सैलरी अकाउंट में आती है तो चेहरे पर चमक आ जाती है, लेकिन जब नजर ‘टैक्स डिडक्शन’ पर पड़ती है, तो वही चमक फीकी पड़ जाती है। हम भारतीय अक्सर सोचते हैं कि हमारे यहां टैक्स का बोझ बहुत ज्यादा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां सरकार आपकी कमाई का एक रुपया भी इनकम टैक्स के रूप में नहीं लेती? वहीं, कुछ देश ऐसे हैं जहां आपकी आधी से ज्यादा कमाई सरकारी खजाने में चली जाती है।
दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जो किसी भी करदाता के लिए स्वर्ग से कम नहीं हैं। ये देश अपनी कमाई का मुख्य हिस्सा तेल, गैस या अप्रत्यक्ष करों (Indirect Taxes) से करते हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): दुबई और आबू धाबी जैसे शहरों वाला यह देश भारतीयों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां सैलरी पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता। आप जो कमाते हैं, वह पूरा का पूरा आपकी जेब में जाता है।
- सऊदी अरब: यह भी टैक्स-फ्री देशों की सूची में शामिल है। यहां न तो इनकम टैक्स देना पड़ता है और न ही कैपिटल गेन टैक्स।
- कुवैत: कुवैत का सिस्टम तो और भी शानदार माना जाता है, क्योंकि यहां इनकम टैक्स के साथ-साथ इनहेरिटेंस (विरासत) और गिफ्ट टैक्स भी नहीं लगता।
- बहरीन और कतर: इन देशों में भी आपकी कमाई पर सरकार की नजर नहीं होती। बहरीन में सरकार अपनी कमाई इनडायरेक्ट टैक्स से करती है, जिससे यह छोटे व्यापारियों और स्टार्टअप्स के लिए मुफीद जगह बन गया है।
- बहामास: यहां भी इनकम, गिफ्ट या कैपिटल गेन टैक्स का कोई झंझट नहीं है। सरकार वैट (VAT) और स्टांप ड्यूटी के जरिए अपना खजाना भरती है।
हालांकि, ओमान एक अपवाद बनने की राह पर है। फिलहाल तो यह टैक्स-फ्री है, लेकिन खबरें हैं कि 2028 से वहां हाई इनकम ग्रुप पर 5% टैक्स लगाने की तैयारी चल रही है।
अगर आप यूरोप के खुशहाल देशों की चकाचौंध से प्रभावित हैं, तो वहां का टैक्स सिस्टम आपको चौंका सकता है। ये देश अपने नागरिकों को बेहतरीन सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं देने के लिए भारी टैक्स वसूलते हैं।
दुनिया में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स फिनलैंड में वसूला जाता है, जहां टैक्स की सबसे ऊंची दर 57.65% है।
इसके बाद सर्वाधिक टैक्स दरें वाले देश हैं:
- जापान: 55.95%
- डेनमार्क: 55.9%
- ऑस्ट्रिया: 55%
- स्वीडन: 52%
बेल्जियम, इजरायल, नीदरलैंड और पुर्तगाल जैसे यूरोपीय देशों में भी लोग अपनी गाढ़ी कमाई का 48% से 50% हिस्सा टैक्स के रूप में चुकाते हैं।
लंदन (यूके) में टैक्स की दरें कमाई के स्लैब पर निर्भर करती हैं, जो 20% से शुरू होकर 45% तक जाती हैं। इसके अलावा वहां हर सामान पर 20% वैट (VAT) अलग से लगता है। जर्मनी, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया में भी टैक्स की दरें 45% के आसपास हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में टैक्स की अधिकतम दर 37% है, जो यूरोपीय देशों के मुकाबले थोड़ी राहत भरी है।
- हमारा पड़ोसी चीन टैक्स वसूली में भारत से आगे है, वहां अधिकतम दर 45% है।
- पाकिस्तान, इंडोनेशिया और मैक्सिको में यह दर 35% है।
- बांग्लादेश में यह 25% है, जो तुलनात्मक रूप से कम है।
दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां टैक्स बहुत कम लगता है। जैसे ग्वाटेमाला में सबसे ऊंची दर सिर्फ 7% है। कजाकिस्तान, रोमानिया और सर्बिया में यह 10% है, जबकि रूस में 13% टैक्स लगता है।
