न्यूज स्कूप : वैश्विक राजनीति में अचानक आए भूचाल ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर चल रहे सोने और चांदी के दाम अब एक नए शिखर की ओर बढ़ सकते हैं।
3 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही, पूरी दुनिया के कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में हलचल पैदा कर दी है। रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों के कड़े विरोध के बाद अब यह ‘भू-राजनीतिक तनाव’ (Geopolitical Tension) एक बड़े आर्थिक संकट में तब्दील होता दिख रहा है।
जब भी दुनिया में युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता के हालात बनते हैं, निवेशक शेयर बाजार या करेंसी के बजाय सोने (Gold) को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं।
- वर्तमान स्थिति: साल 2026 की शुरुआत में ही सोना 4,370 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है।
- ऐतिहासिक प्रदर्शन: यह साल 1979 के बाद से सोने का सबसे बेहतरीन सालाना प्रदर्शन है।
- चांदी की चमक: चांदी भी 2% से ज्यादा उछलकर 73 बिलियन डॉलर के औद्योगिक मांग स्तर को पार कर चुकी है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले हफ्ते सोने और चांदी के लिए ‘सुपर बुलिश’ (Super Bullish) रहने वाले हैं।
| एक्सपर्ट | अनुमान / राय |
| राजीव शरण (ब्रिकवर्क प्रमुख) | सोना जल्द ही $4500 – $5000 की रेंज में पहुँच सकता है। |
| अनुज गुप्ता (डायरेक्टर, वेल्थ) | कच्चे तेल और सोने की कीमतों में शॉर्ट-टर्म में तेज उछाल आएगा। |
| मार्केट सेंटीमेंट | डॉलर की कमजोरी और युद्ध के हालात कीमतों को और बढ़ाएंगे। |
शनिवार को भारतीय बाजार में मामूली गिरावट देखी गई थी, लेकिन सोमवार 5 जनवरी को बाजार खुलते ही इसमें बड़ी तेजी की आशंका है।
- 24 कैरेट सोना: ₹13,582 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹12,450 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹10,187 प्रति ग्राम
(नोट: यह कीमतें प्रति ग्राम के आधार पर हैं, 10 ग्राम (एक तोला) के लिए इन्हें 10 से गुणा करें)
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक है। वहां अमेरिकी कब्जे के बाद कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का डर है। यदि रूस और ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो न केवल सोना बल्कि एनर्जी कमोडिटीज और कच्चे तेल की कीमतें भी आसमान छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ेगा।
सोमवार, 5 जनवरी 2026 का दिन अंतरराष्ट्रीय और भारतीय सराफा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखें, क्योंकि वेनेजुएला का संकट लंबे समय तक सोने की चमक को बढ़ाए रख सकता है।
