न्यूज स्कूप : भारतीय सर्राफा बाजार और वायदा बाजार (MCX) में इस समय कीमती धातुओं की कीमतों में वह सुनामी देखने को मिल रही है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव थी। सोने और चांदी (Gold & Silver) की कीमतें हर बीतते घंटे के साथ एक नए शिखर को चूम रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तेजी का यह रुख बरकरार रहा, तो अगले 24 घंटों के भीतर चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.75 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अविश्वसनीय मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकता है।
महज तीन दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में 1.46 लाख रुपये से ज्यादा का इजाफा हो चुका है, जो कमोडिटी मार्केट के इतिहास की सबसे बड़ी तेजी में से एक है।
दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इसके दाम 3,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम (करों सहित) पर पहुंच गए।
- MCX का हाल: वायदा बाजार में भी चांदी ने 3,83,100 रुपये के स्तर को छुआ।
- लक्ष्य: अब चांदी को ₹4 लाख का जादुई आंकड़ा छूने के लिए केवल 15 से 20 हजार रुपये की बढ़त की दरकार है, जो मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए गुरुवार को ही संभव लग रहा है।
- महीने भर की तेजी: 31 दिसंबर को जो चांदी ₹2.39 लाख थी, वह अब ₹4 लाख की ओर अग्रसर है।
चांदी की तुलना में सोने की चाल थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन यह भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर है।
- दिल्ली मार्केट: दिल्ली में 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹5,000 बढ़कर 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया है।
- प्रेडिक्शन: विश्लेषकों का मानना है कि अगले 24 घंटों में सोना ₹4,000 और महंगा होकर 1.75 लाख रुपये के स्तर को छू सकता है।
- विदेशी बाजार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 5,311 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे निम्नलिखित कारण प्रमुख हैं:
- कमजोर होता डॉलर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स चार साल के निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर के कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने और चांदी की खरीदारी सस्ती हो जाती है, जिससे मांग और कीमतें बढ़ती हैं।
- डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कमजोर डॉलर के प्रति सहजता और नए टैरिफ (Tariff) के खतरों ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं।
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं ने डॉलर के लिए ‘यील्ड सपोर्ट’ कम कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं को मजबूती मिली है।
| मेटल | अंतरराष्ट्रीय भाव (औंस) | दैनिक बढ़त |
| सोना (Gold) | $5,311.38 | +2.51% |
| चांदी (Silver) | $117.73 | +14% (सोमवार से अब तक) |
बाजार की नजरें अब फेडरल रिजर्व की एफओएमसी (FOMC) बैठक और चेयरमैन जेरोम पॉवेल के बयान पर टिकी हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतीन त्रिवेदी के अनुसार, पॉवेल का 2026 का दृष्टिकोण यह तय करेगा कि क्या यह तेजी जारी रहेगी या कीमतों में कोई सुधार (Correction) आएगा। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और नीतिगत जोखिम प्रीमियम को देखते हुए ‘बुल रन’ थमता नजर नहीं आ रहा है।
यदि आप सोने या चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो वर्तमान बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखें। कीमतें ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर हैं और किसी भी वैश्विक समाचार से इनमें बड़ा उतार-चढ़ाव संभव है।
