न्यूज स्कूप : अगर आपके पास पुराना सोना या गहने रखे हैं और आप उन्हें बेचकर तुरंत कैश चाहते हैं, तो अब आपको ज्वैलर्स की दुकानों के चक्कर काटने और मोलभाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फिनटेक कंपनी गोल्डसिक्का (Goldsikka) ने देश में तकनीक की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए भारत की पहली AI-पावर्ड गोल्ड ATM (AI-powered Gold ATM) मशीन लॉन्च की है।
इस अत्याधुनिक मशीन को फिलहाल हैदराबाद में इंस्टॉल किया गया है। यह मशीन न केवल सोना बेचती है, बल्कि ग्राहकों से उनका पुराना सोना खरीदकर उसकी कीमत सीधे बैंक खाते में भेजने की क्षमता भी रखती है। एआई और ऑटोमेशन के इस संगम ने सोने के कारोबार को पूरी तरह से पारदर्शी और तेज बना दिया है।
पुराना सोना बेचने की प्रक्रिया अब किसी कोल्ड ड्रिंक खरीदने जितनी सरल हो गई है। मशीन पूरी तरह से ऑटोमेटिक है और इसमें मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ती:
- सोना रखना: ग्राहक को अपने पुराने गहने या सिक्के मशीन के निर्धारित स्लॉट में रखने होते हैं।
- मेल्टिंग प्रोसेस (पिघलाना): मशीन में लगी एआई-इनेबल्ड मेल्टिंग तकनीक तुरंत सोने को पिघलाने का काम शुरू कर देती है।
- प्योरिटी और वजन की जांच: मशीन में लगे सेंसर्स एआई की मदद से सोने की शुद्धता (Purity) और सटीक वजन का पता लगाते हैं।
- लाइव वैल्यूएशन: सिस्टम उस समय के लाइव मार्केट रेट के आधार पर सोने की सटीक कीमत कैलकुलेट करता है।
- बैंक ट्रांसफर: फाइनल वैल्यू की पुष्टि होने के बाद, पैसा मिनटों के भीतर ग्राहक के लिंक्ड बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है।
यह मशीन सिर्फ सोना खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है, इसमें कई अन्य आधुनिक फीचर्स भी शामिल किए गए हैं:
- वर्चुअल ट्राई-ऑन (AR Technology): मशीन में ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) का उपयोग किया गया है। इसके जरिए ग्राहक नई ज्वेलरी को वर्चुअली पहनकर देख सकते हैं कि वह उन पर कैसी दिखेगी।
- सोना खरीदना भी संभव: इस एटीएम से ग्राहक 0.5 ग्राम से लेकर 100 ग्राम तक के सोने के सिक्के सीधे खरीद सकते हैं।
- 24/7 उपलब्धता: ज्वैलर्स की दुकानों के विपरीत, यह मशीन चौबीसों घंटे सेवा प्रदान करने के लिए तैयार है।
चोरी के सोने या अवैध लेनदेन को रोकने के लिए गोल्डसिक्का ने सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया है:
- अनिवार्य KYC: मशीन का उपयोग करने से पहले हर ग्राहक को अपना केवाईसी (KYC) वेरिफिकेशन पूरा करना होगा।
- क्रिमिनल रिकॉर्ड चेक: सिस्टम रीयल-टाइम में ग्राहक के बैकग्राउंड और क्रिमिनल रिकॉर्ड की जांच करता है।
- ब्लॉक मैकेनिज्म: यदि कोई गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है या डेटा मेल नहीं खाता, तो मशीन ट्रांजैक्शन को तुरंत ब्लॉक कर देती है।
गोल्डसिक्का का लक्ष्य आने वाले समय में देश के अन्य बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में भी इन मशीनों को इंस्टॉल करना है। यह कदम न केवल ग्राहकों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि इससे गोल्ड मार्केट में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
हैदराबाद में लगा यह एआई गोल्ड एटीएम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें आपात स्थिति में सोने के बदले तुरंत पैसों की जरूरत होती है।
