न्यूज स्कूप : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Google ने एक बड़ा क्रांतिकारी कदम उठाया है। गूगल ने अपने एआई चैटबॉट Gemini के लिए एक नया अपडेट जारी किया है, जिसे ‘Personalised Intelligence’ (पर्सनलाइज्ड इंटेलिजेंस) कहा जा रहा है। इस फीचर के आने के बाद जेमिनी अब सिर्फ एक सर्च इंजन या चैटबॉट नहीं रह गया है, बल्कि यह आपके निजी डिजिटल असिस्टेंट की तरह काम करेगा।
यह अपडेट जेमिनी को यूज़र की अनुमति से उनके Google Photos, Gmail, YouTube और Google Search जैसे ऐप्स से जानकारी निकालने और उसके आधार पर बेहद सटीक और निजी जवाब देने की शक्ति देता है। कंपनी का उद्देश्य एआई को इतना समझदार बनाना है कि वह यूजर की आदतों और जरूरतों को पहले से भांप सके।
जेमिनी का यह नया सिस्टम आपके कनेक्टेड ऐप्स के बीच एक ‘ब्रिज’ की तरह काम करता है।
- स्मार्ट रिकॉल: अगर आप अपनी कार का नंबर, इंश्योरेंस की एक्सपायरी डेट या अपने किसी पुराने ट्रिप के होटल का नाम भूल गए हैं, तो जेमिनी आपके ईमेल (Gmail) या फोटो गैलरी को खंगालकर तुरंत सही जानकारी दे सकता है।
- इंटेलिजेंट प्लानिंग: यह आपके पुराने ट्रैवल रिकॉर्ड और पसंद को देखकर न सिर्फ फैमिली ट्रिप प्लान कर सकता है, बल्कि आपकी पिछली गतिविधियों के आधार पर नए और दिलचस्प आइडिया भी सुझा सकता है।
इतनी एडवांस तकनीक होने के बावजूद, गूगल ने एक ईमानदारी भरी चेतावनी भी दी है। कंपनी का कहना है कि जेमिनी रिश्तों (Relationships) और बहुत ज्यादा निजी पसंद जैसे संवेदनशील मामलों में पूरी तरह सटीक नहीं हो सकता।
- संदर्भ की कमी: एआई डेटा पैटर्न के आधार पर अनुमान लगाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी गैलरी में किसी स्टेडियम की कई तस्वीरें हैं, तो जेमिनी मान सकता है कि आपको वह खेल पसंद है, भले ही आप वहां काम के सिलसिले में गए हों।
- पुराने डेटा का भ्रम: ब्रेकअप या तलाक जैसे मामलों में, अगर पुरानी तस्वीरें अब भी मौजूद हैं, तो एआई संदर्भ को गलत समझ सकता है। ऐसे में गूगल ने यूजर को ‘फीडबैक’ देने और एआई को सुधारने का विकल्प दिया है।
डेटा एक्सेस को लेकर उठने वाले सवालों पर गूगल ने अपनी स्थिति साफ की है:
- ट्रेनिंग नहीं: गूगल जेमिनी आपकी फोटो या निजी ईमेल से खुद के ‘मॉडल’ को ट्रेन नहीं करेगा। वह सिर्फ आपके सवालों का जवाब देने के लिए उस डेटा का संदर्भ (Context) लेगा।
- पारदर्शिता: जब भी जेमिनी कोई पर्सनल जवाब देगा, वह स्पष्ट रूप से बताएगा कि उसने यह जानकारी किस ऐप (Photos या Gmail) से ली है।
- यूजर कंट्रोल: यूजर्स के पास यह पूरा अधिकार होगा कि वे कौन सा ऐप कनेक्ट करना चाहते हैं और कब अपनी चैट हिस्ट्री मिटाना चाहते हैं।
यह फीचर फिलहाल अमेरिका में Google AI Pro और AI Ultra सब्सक्राइबर्स के लिए बीटा वर्जन में उपलब्ध है। इसे शुरू करने के लिए:
- जेमिनी की Settings में जाएं।
- Personalised Intelligence ऑप्शन को ऑन करें।
- अपनी पसंद के अनुसार Gmail, Photos या अन्य ऐप्स को अनुमति दें।
गूगल का यह नया कदम एआई को हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में एक बड़ा मोड़ है। जहां यह सुविधा हमारे काम को आसान बनाएगी, वहीं प्राइवेसी और एआई के ‘इमोशनल इंटेलिजेंस’ को लेकर चुनौतियां भी बरकरार रहेंगी।
