न्यूज स्कूप : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने अवैध धन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार शाम गोरखपुर रेलवे स्टेशन रोड पर पुलिस की मुस्तैदी के कारण 50 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई है। इस मामले में पुलिस ने एक 52 वर्षीय व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसके पास से रुपयों से भरा बैग मिला। मामला संदिग्ध लगने पर कैंट पुलिस और आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है।
शुरुआती तफ्तीश में यह मामला सीधे तौर पर हवाला (Hawala) से जुड़ा होने का अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी रकम शहर में कहां से आई और इसे कहां भेजा जाना था।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान राजीव जायसवाल उर्फ राजू (52 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज का निवासी है। राजू डुमरियागंज कस्बे में ही पर्स, बैग और बेल्ट की दुकान चलाता है।
- घटनाक्रम: राजीव शुक्रवार शाम करीब 5 बजे बस से गोरखपुर पहुँचा। बस से उतरने के बाद वह पैदल धर्मशाला बाजार की ओर गया, जहाँ पहले से घात लगाकर बैठे दो स्कूटी सवार युवकों ने उसे पैसों से भरा बैग सौंपा।
- पुलिस की नजर: बैग लेकर राजीव पैदल ही रेलवे स्टेशन के गेट नंबर 6 की ओर जा रहा था। तभी स्टेशन चौकी प्रभारी सुधांशु सिंह की नजर उसकी संदिग्ध हरकतों पर पड़ी।
जब पुलिस ने राजीव को टोकने और रोकने की कोशिश की, तो वह घबरा गया और बैग लेकर भागने की कोशिश करने लगा। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। जब बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें 500-500 के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान राजीव ने दावा किया कि वह बैग देने वाले युवकों को नहीं जानता। उसने बताया कि उसे ये रुपये फरेंदा ले जाने थे।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने मीडिया को बताया कि पकड़े गए व्यक्ति के पास से बरामद राशि के संदर्भ में कोई भी वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोपी राजीव का कहना है कि उसका भांजा जानता है कि यह पैसा किसका है, लेकिन पुलिस को यह कहानी गले नहीं उतर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नकदी को सील कर दिया है और पूरी फाइल आयकर विभाग को सौंप दी है। अब आयकर विभाग यह पता लगाएगा कि यह पैसा किसी राजनीतिक फंडिंग का हिस्सा है, हवाला का है या फिर किसी बड़े व्यापारिक लेन-देन की टैक्स चोरी का मामला है।
गोरखपुर में हुई इस बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाके में इतनी बड़ी नकदी का खुलेआम आदान-प्रदान होना किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।
