न्यूज स्कूप : केंद्र सरकार के तहत वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), नाबार्ड (NABARD) और पब्लिक सेक्टर जनरल इंश्योरेंस कंपनियों (PSGICs) के सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन व सामाजिक सुरक्षा लाभों में भारी बढ़ोतरी को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इस फैसले से कुल मिलाकर लगभग 46,322 कर्मचारियों, 23,570 पेंशनभोगियों और 23,260 पारिवारिक पेंशनभोगियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलने वाला है।
सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों (PSGICs) के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
- कब से होगा लागू: नया वेतन संशोधन 1 अगस्त 2022 से प्रभावी माना जाएगा।
- वेतन में वृद्धि: इस फैसले से वेतन बिल में कुल 12.41% की बढ़ोतरी होगी। इसमें मौजूदा बेसिक पे और महंगाई भत्ते (DA) में लगभग 14% की वृद्धि शामिल है।
- लाभार्थी: इस संशोधन से कुल 43,247 PSGIC कर्मचारियों की जेब में अब अधिक पैसे आएंगे।
सरकार ने न केवल वेतन बढ़ाया है, बल्कि पेंशनर्स और भविष्य की बचत योजनाओं में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
- फैमिली पेंशन: फैमिली पेंशन की दर को अब एक समान 30% पर संशोधित किया गया है। इससे करीब 14,615 पारिवारिक पेंशनभोगियों को फायदा होगा।
- NPS योगदान: 1 अप्रैल 2010 के बाद नौकरी जॉइन करने वाले कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में सरकार का योगदान 10% से बढ़ाकर 14% कर दिया गया है। यह भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है।
इस वेतन और पेंशन संशोधन के कारण सरकारी खजाने पर कुल 8170.30 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। इस खर्च का विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| मद (Category) | खर्च (करोड़ रुपये में) |
| वेतन संशोधन का बकाया (Arrears) | ₹5822.68 |
| फैमिली पेंशन संशोधन | ₹2097.47 |
| NPS में अतिरिक्त योगदान | ₹250.15 |
| कुल खर्च | ₹8170.30 |
इंश्योरेंस कंपनियों के साथ-साथ वित्त मंत्रालय ने RBI और नाबार्ड के कर्मचारियों के लिए भी वेतन संशोधन को हरी झंडी दे दी है। सरकार का मानना है कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में इन संस्थानों की अहम भूमिका है, इसलिए इनके वेतन ढांचे को प्रतिस्पर्धी बनाना आवश्यक है।
केंद्र सरकार का यह फैसला न केवल कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ाएगा, बल्कि अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार भी करेगा। लंबे समय से एरियर और वेतन वृद्धि की राह देख रहे कर्मचारियों के लिए यह बजट पूर्व एक बड़ा तोहफा माना जा रहा है।
