न्यूज स्कूप : भारतीय वायु सेना (IAF) की युद्धक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लंबे समय से प्रतीक्षित स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk1A की डिलीवरी को लेकर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने सकारात्मक अपडेट दिया है। HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. डीके सुनील के अनुसार, पांच तेजस Mk1A विमान पूरी तरह से बनकर तैयार हैं और उनके महत्वपूर्ण परीक्षण भी पूरे कर लिए गए हैं।
यह खबर ऐसे समय में आई है जब वायु सेना अपने पुराने विमानों को रिटायर कर रही है और लड़ाकू स्क्वाड्रन की संख्या में आई कमी को पूरा करने के लिए नए विमानों का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
तेजस Mk1A प्रोग्राम में देरी का सबसे मुख्य कारण अमेरिकी कंपनी GE Aerospace से मिलने वाले F404 इंजन की सप्लाई में हो रही देरी थी। हालांकि, अब स्थिति में सुधार हुआ है:
- इंजन फिटमेंट: HAL को इंजन की खेप धीरे-धीरे प्राप्त हो रही है, जिससे पांच विमानों में इंजन फिट करके उन्हें उड़ान के लिए तैयार कर लिया गया है।
- मिसाइल ट्रायल्स: इन विमानों के फायरिंग और मिसाइल ट्रायल्स सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। अब HAL और IAF के बीच इनकी स्वीकृति (Acceptance) के लिए अंतिम दौर की बातचीत शुरू होने वाली है।
- डेडलाइन: कंपनी का लक्ष्य है कि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक यानी मार्च 2026 तक ये विमान वायु सेना के बेड़े में शामिल हो जाएं।
वर्तमान में भारतीय वायु सेना एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है।
- स्क्वाड्रन की कमी: IAF के पास स्वीकृत 42 फाइटर स्क्वाड्रन की तुलना में वर्तमान में केवल 29 स्क्वाड्रन ही सक्रिय हैं।
- MiG-21 की विदाई: पुराने होते MiG-21 जैसे विमानों को सुरक्षा कारणों से रिटायर किया जा रहा है, जिससे पैदा हुए खालीपन को तेजस ही भर सकता है।
- वायु सेना प्रमुख का रुख: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बार-बार प्रोग्राम की गति बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि सीमा पर सुरक्षा चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया जा सके।
तेजस का नया वेरिएंट (Mk1A) पुराने मॉडल की तुलना में कहीं अधिक घातक है:
- AESA रडार: यह दुश्मन के विमानों को दूर से ही ट्रैक करने में सक्षम है।
- इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: उन्नत जैमिंग और डिफेंसिव सिस्टम से लैस।
- मिड-एयर रिफ्यूलिंग: हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता, जिससे इसकी रेंज बढ़ जाती है।
- हथियार: यह लंबी दूरी की मिसाइलों और आधुनिक हथियारों को ले जाने में सक्षम है।
| विवरण | जानकारी |
| निर्माता | हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) |
| तैयार विमानों की संख्या | 05 (प्रथम खेप) |
| कुल ऑर्डर | 83 (शुरुआती) + अतिरिक्त (कुल 180 तक) |
| इंजन मॉडल | GE F404-IN20 |
| संभावित डिलीवरी | मार्च 2026 |
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण से तेजस Mk1A प्रोग्राम की सफलता अत्यंत महत्वपूर्ण है। राफेल जैसे विदेशी विमानों के साथ-साथ स्वदेशी तेजस का बेड़ा भारत को रक्षा क्षेत्र में एक नई शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। HAL का यह ताजा अपडेट न केवल वायु सेना का मनोबल बढ़ाएगा बल्कि देश के रक्षा निर्यात (Defense Export) के सपनों को भी मजबूती देगा।
