न्यूज स्कूप : हरियाणा के राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की रोहतक के लाखनमाजरा गांव में हुए एक खौफनाक हादसे में मौत हो गई। 17 वर्षीय हार्दिक की मौत बास्केटबॉल ग्राउंड में प्रेक्टिस के दौरान हुई, जब एक बास्केटबॉल पोल टूटकर उनके सीने पर गिर गया। इस दुखद घटना के बाद हरियाणा सरकार और खेल मंत्रालय पर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और इसको सिर्फ हादसा नहीं बल्कि ‘सिस्टम की ओर से की गई हत्या’ तक कहा जा रहा है।
हादसे के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद अन्य खिलाड़ी हार्दिक को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने खिलाड़ी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “हरियाणा के लाखनमाजरा में नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर हार्दिक की मौत एक हादसा नहीं, भाजपा सरकार के सिस्टम द्वारा की गई एक हत्या है।”
उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से सवाल किया कि हार्दिक हरियाणा की युवा प्रतिभा था, एक बेटा भी और एक होनहार नौजवान भी। सुरजेवाला ने पूछा कि क्या भाजपा सरकार माँ बाप को उनका बेटा वापस दे पाएगी?
सुरजेवाला ने सरकार पर आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना सीधे तौर पर मेंटेनेंस में बरती गई उपेक्षा का परिणाम है।
उन्होंने पूछा कि क्या नायब सैनी इस बात का जवाब देंगे कि लाखनमाजरा के सभी खिलाड़ी मेंटेनेंस की मांग व सुविधाओं को लेकर उनसे तीन महीने पहले मिले थे, पर हुआ कुछ नहीं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा, “अगर आप स्टेडियम का एक पोल भी नहीं ठीक कर सकते तो सरकार क्या खाक चलाओगे?”
सुरजेवाला ने स्टेडियमों के लिए आवंटित बजट पर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जिला खेल अधिकारी खुद कह रहे हैं कि लाखनमाजरा स्टेडियम सहित चौदह स्टेडियमों के लिए ₹2.1 करोड़ का बजट है, तो फिर जरा ये बताइये कि ये खर्च क्यों नहीं हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि अगर सरकार ये बजट खर्चती और मेंटेनेंस करती तो हार्दिक की जान बच सकती थी।
कांग्रेस नेता ने नायब सैनी से हरियाणा को केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक तुलनात्मक आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि देश के स्पोर्ट्स के ₹3,397 करोड़ के केंद्रीय बजट से मोदी सरकार हरियाणा को सिर्फ ₹88 करोड़ ही क्यों देती है?
उन्होंने इस आंकड़े पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार गुजरात को इसी बजट से ₹608 करोड़ देती है, जबकि देश के आधे से ज्यादा मेडल हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं। सुरजेवाला ने सरकार से इस दोहरे मापदंड और खेल के प्रति उदासीनता पर जवाब मांगा है, जिसने एक होनहार राष्ट्रीय खिलाड़ी की जान ले ली।
