न्यूज स्कूप : आज के दौर में स्मार्ट होम डिवाइसेज का चलन तेजी से बढ़ा है, जिनमें स्मार्ट बल्ब (Smart Bulbs) सबसे लोकप्रिय हैं। मोबाइल से रंग बदलना और वॉयस कंट्रोल जैसी सुविधाएं इन्हें खास बनाती हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही इन बल्बों का वाई-फाई (Wi-Fi) कनेक्शन खराब होता है, ऐप सपोर्ट बंद हो जाता है या वे मोबाइल से कनेक्ट होना बंद कर देते हैं, लोग इन्हें ‘बेकार’ समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं।
हकीकत यह है कि ज्यादातर मामलों में केवल स्मार्ट कंट्रोलर वाला हिस्सा खराब होता है, जबकि उसका असली ‘दिल’ यानी LED पैनल पूरी तरह सही होता है। थोड़ी सी रचनात्मकता और ‘देसी जुगाड़’ के जरिए आप इन महंगे बल्बों को दोबारा इस्तेमाल के लायक बना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
ज्यादातर स्मार्ट बल्ब इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि यदि वे इंटरनेट से कनेक्ट न हों, तो भी वे सामान्य स्विच से ऑन-ऑफ करने पर अपनी डिफॉल्ट सफेद या वार्म व्हाइट रोशनी देते हैं।
- उपयोग: इन्हें फेंकने के बजाय स्टडी रूम, स्टोर रूम, बाथरूम या सीढ़ियों जैसी जगहों पर लगाएं जहां स्मार्ट फीचर्स की ज्यादा जरूरत नहीं होती। इससे आपके नए साधारण बल्ब खरीदने के पैसे बचेंगे।
कई बार स्मार्ट बल्ब किसी एक खास रंग (जैसे हल्का नीला या पीला) पर अटक जाते हैं और ऐप से कंट्रोल नहीं होते।
- जुगाड़: ऐसी स्थिति में इसे बेडरूम में नाइट लाइट के तौर पर इस्तेमाल करें। इसकी हल्की और रंगीन रोशनी रात में सुकून देने वाला माहौल बनाती है।
- डेकोरेशन: आप इसे किसी पुराने कांच के जार या लालटेन के अंदर फिट करके एक बेहतरीन ‘एंटीक डेकोरेटिव पीस’ बना सकते हैं।
अगर आपको इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की थोड़ी-बहुत समझ है, तो आप इसे एक शानदार DIY प्रोजेक्ट में बदल सकते हैं।
- सर्किट बाईपास: यदि बल्ब का स्मार्ट बोर्ड पूरी तरह जल गया है, तो आप LED पैनल को एक साधारण सस्ते LED ड्राइवर सर्किट से जोड़कर उसे दोबारा वर्किंग कंडीशन में ला सकते हैं।
- इमरजेंसी लैंप: पुराने स्मार्ट बल्ब के शेल (बॉडी) का इस्तेमाल करके आप उसके अंदर छोटी बैटरी और सर्किट फिट कर एक रिचार्जेबल इमरजेंसी लैंप या टेबल लैंप बना सकते हैं।
| लाभ का क्षेत्र | प्रभाव |
| आर्थिक लाभ | नए बल्ब खरीदने का खर्च बचता है। |
| पर्यावरण सुरक्षा | ई-वेस्ट (E-Waste) कम होता है, जो प्रकृति के लिए बेहद जरूरी है। |
| क्रिएटिविटी | घर के लिए यूनीक लाइटिंग और डेकोरेशन के अवसर। |
| उपयोगिता | खराब होने के बाद भी सालों-साल रोशनी देने की क्षमता। |
स्मार्ट बल्ब में प्लास्टिक, सर्किट और धातु के कई ऐसे हिस्से होते हैं जिन्हें नष्ट होने में सैकड़ों साल लगते हैं। इन्हें फेंकना न केवल पैसों की बर्बादी है, बल्कि यह इलेक्ट्रॉनिक कचरे को भी बढ़ाता है। थोड़ा सा जुगाड़ लगाकर आप न सिर्फ अपनी जेब पर बोझ कम करते हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
अगली बार जब आपका स्मार्ट बल्ब ‘स्मार्ट’ व्यवहार करना बंद कर दे, तो उसे फेंकें नहीं। याद रखें, उसमें अभी भी जलने की और आपके घर को रोशन करने की पूरी क्षमता मौजूद है।
