न्यूज स्कूप : भारतीय घरों में तुलसी (Tulsi) का पौधा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह एक बेहतरीन औषधिय गुणकारी पौधा भी है। हिंदू धर्म में इसे ‘लक्ष्मी’ का रूप माना जाता है और इसकी पूजा की जाती है। हालांकि, कई लोगों की यह आम समस्या होती है कि उनका तुलसी का पौधा बहुत जल्दी सूखने लगता है या उसकी पत्तियां झड़ने लगती हैं।
तुलसी का पौधा एक संवेदनशील पौधा है जिसे खास देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप भी अपने मुरझाए हुए तुलसी के पौधे को लेकर परेशान हैं, तो अब आपको बाजार से महंगी और केमिकल वाली खाद लाने की जरूरत नहीं है। आपके रसोईघर और घर में मौजूद कुछ चीजों से आप ऐसी नेचुरल खाद तैयार कर सकते हैं जो आपके पौधे में जान फूंक देगी।
खाद डालने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर पौधा सूख क्यों रहा है:
- अत्यधिक पानी (Overwatering): बहुत ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ जाती हैं।
- मंजरी (Seeds) न हटाना: तुलसी पर आने वाली मंजरी अगर समय पर न हटाई जाए, तो पौधा अपनी सारी ऊर्जा बीज बनाने में लगा देता है और धीरे-धीरे सूख जाता है।
- ठंड और मौसम: सर्दियों की ओस और अत्यधिक ठंड तुलसी के लिए हानिकारक होती है।
- कीड़े और फंगस: जड़ों में कीड़े लग जाना भी एक बड़ा कारण है।
तुलसी के पौधे को दोबारा हरा-भरा और घना बनाने के लिए आप इन तीन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
चाय बनाने के बाद बची हुई चायपत्ती को फेंके नहीं। इसे अच्छी तरह धो लें ताकि चीनी और दूध निकल जाए, फिर इसे धूप में सुखा लें।
- फायदा: चायपत्ती में नाइट्रोजन भरपूर होता है, जो पत्तियों को हरा-भरा रखने और नई ग्रोथ में मदद करता है। महीने में 1-2 बार मिट्टी में एक चम्मच सूखी चायपत्ती मिलाएं।
नीम की सूखी पत्तियों को पीसकर पाउडर बना लें।
- फायदा: यह एक नेचुरल कीटनाशक का काम करता है। अगर आपकी तुलसी की जड़ों में कीड़े या फंगस लग गई है, तो मिट्टी की गुड़ाई करके यह पाउडर डाल दें। यह जड़ों को सुरक्षा देता है।
पुराने समय से ही लकड़ी की राख को पौधों के लिए वरदान माना गया है।
- फायदा: राख में पोटेशियम होता है। सर्दियों के मौसम में राख को मिट्टी के ऊपर छिड़कने से पौधा ठंड की मार से बचता है और उसे पोषण भी मिलता है।
| क्या करें (Do’s) | क्या न करें (Don’ts) |
| समय-समय पर मंजरी (बीज) तोड़ते रहें। | जड़ों में पानी जमा न होने दें। |
| सुबह की धूप में 4-5 घंटे रखें। | सर्दियों में रात को खुले आसमान के नीचे न छोड़ें। |
| महीने में एक बार मिट्टी की गुड़ाई करें। | केमिकल वाले फर्टिलाइजर का इस्तेमाल न करें। |
| गमले में ड्रेनेज होल चेक करें। | शाम के समय पानी देने से बचें। |
तुलसी के पौधे की उम्र बढ़ाने के लिए सही देखभाल और प्राकृतिक खाद सबसे अच्छे विकल्प हैं। ऊपर बताए गए घरेलू नुस्खों को आजमाकर आप अपने पौधे को सालों-साल हरा-भरा रख सकते हैं। याद रखें, तुलसी के प्रति आपकी थोड़ी सी सजगता आपके घर के वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाए रखेगी।
