20 Feb 2026, Fri
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न्यूज स्कूप : इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 बहुत करीब है। इस बीच, आयकर विभाग ने उन टैक्सपेयर्स के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, जिनके रिटर्न में जानकारी का मिसमैच (Mismatch) पाया गया है। विभाग ने बड़ी संख्या में SMS और ईमेल भेजकर सूचित किया है कि ‘रिस्क मैनेजमेंट प्रोविजन’ के तहत उनका रिफंड रोक दिया गया है

अगर आपके पास भी ऐसा कोई संदेश आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास अपनी गलतियों को सुधारने के लिए सिर्फ सात दिन बचे हैं। आइए समझते हैं कि आप ‘रिवाइज्ड रिटर्न’ के जरिए अपना अटका हुआ रिफंड कैसे वापस पा सकते हैं।

क्या है संशोधित (Revised) ITR और किसे है जरूरत?

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(5) टैक्सपेयर्स को अपनी पूर्व में दाखिल की गई ITR में सुधार करने का वैधानिक अधिकार देती है।

इन गलतियों को सुधारा जा सकता है:

  • आय का विवरण: यदि कोई आय दिखानी छूट गई हो या कम/ज्यादा दर्ज हो गई हो।
  • गलत डिडक्शन: धारा 80C या अन्य सेक्शन में गलत तरीके से टैक्स छूट क्लेम करना।
  • गलत फॉर्म: यदि आपने अनजाने में गलत ITR फॉर्म (जैसे ITR-1 की जगह ITR-2) चुन लिया हो।
  • रिफंड क्लेम: गणना की गलती के कारण कम या ज्यादा रिफंड क्लेम कर लेना।

31 दिसंबर: आखिरी मौका

असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 के लिए रिवाइज्ड ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है। एक बार यह तारीख निकल गई, तो आप असेसिंग ऑफिसर द्वारा असेसमेंट पूरा होने के बाद अपनी पुरानी गलतियों में सुधार नहीं कर पाएंगे।

संशोधित ITR फाइल करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
  1. लॉगिन: आयकर विभाग के पोर्टल incometax.gov.in पर जाएं और पैन (PAN) व पासवर्ड से लॉगिन करें।
  2. e-File चुनें: ‘e-File’ टैब में जाकर ‘Income Tax Return’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. असेसमेंट ईयर: संबंधित असेसमेंट ईयर (2025-26) और सही ITR फॉर्म चुनें।
  4. फाइलिंग टाइप: यहाँ ‘Filing Type’ में ‘Revised Return under section 139(5)’ को सेलेक्ट करें।
  5. पुराना विवरण: आपको अपनी ओरिजिनल ITR का ‘Acknowledgement Number’ और ‘Date of Filing’ दर्ज करना होगा।
  6. सुधार और वेरिफिकेशन: अपनी गलतियों को सुधारें और ई-वेरिफिकेशन (e-Verify) के साथ सबमिट करें।

क्या रिवाइज्ड ITR पर पेनल्टी लगती है?

रिवाइज्ड ITR फाइल करने पर कोई पेनल्टी नहीं लगती है। यह बिलेटेड आईटीआर (Belated ITR) से अलग है। हालांकि, यदि सुधार के बाद आपकी टैक्स देनदारी बढ़ती है, तो आपको उस पर लगने वाला ब्याज (Interest) चुकाना पड़ सकता है।

अंतररिवाइज्ड ITR (Revised)बिलेटेड ITR (Belated)
कारणपुरानी गलती सुधारने के लिएसमय पर रिटर्न न भरने के लिए
पेनल्टीकोई पेनल्टी नहीं₹1,000 से ₹5,000 तक
आधारओरिजिनल रिटर्न पहले से मौजूदयह खुद ही ओरिजिनल रिटर्न है

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें

  • जब आप रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करते हैं, तो आपकी पिछली ITR अमान्य हो जाती है। अब केवल Revised Return ही फाइनल माना जाएगा।
  • आप जितनी बार चाहें उतनी बार रिटर्न रिवाइज कर सकते हैं, बशर्ते समय सीमा (31 दिसंबर) न निकली हो।
  • रिटर्न रिवाइज करने के बाद उसे दोबारा ई-वेरिफाई करना न भूलें, अन्यथा वह प्रोसेस नहीं होगा।

By News Scoop Desk

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