न्यूज स्कूप : ओडिशा में शनिवार दोपहर एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। भुवनेश्वर से राउरकेला जा रही इंडिया वन एयर (India One Air) की एक कम्यूटर फ्लाइट को तकनीकी खराबी के चलते खुले मैदान में इमरजेंसी लैंडिंग (Forced Landing) करनी पड़ी। पायलट की सूझबूझ से विमान में सवार सभी 6 लोग (4 यात्री और 2 क्रू मेंबर) पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, लैंडिंग के दौरान विमान के अगले हिस्से (Nose) को काफी नुकसान पहुँचा है।
यह घटना राउरकेला एयरपोर्ट से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर कंसोर इलाके के पास हुई। विमान के इंजन में आई खराबी को इस आपातकालीन लैंडिंग का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, इंडिया वन एयर का सेसना ग्रैंड C208B एयरक्राफ्ट (रजिस्ट्रेशन VT-KSS) शनिवार दोपहर करीब 12:25 बजे भुवनेश्वर से राउरकेला के लिए रवाना हुआ था।
- खराबी का पता चलना: उड़ान भरने के करीब 45 मिनट बाद, जब विमान राउरकेला के करीब था, पायलट को इंजन में गंभीर तकनीकी समस्या का एहसास हुआ।
- आपातकालीन संदेश: दोपहर 13:14 बजे, क्रू ने राउरकेला एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को ‘MAY DAY’ संदेश भेजा, जिसका मतलब होता है कि विमान गंभीर संकट में है।
- फोर्स्ड लैंडिंग: एटीसी से संपर्क के बाद, रनवे तक पहुँचने की स्थिति न देख पायलट ने विमान को आबादी से दूर एक खुले क्षेत्र में उतारने का फैसला किया। दोपहर 13:20 बजे विमान को सफलतापूर्वक जमीन पर उतार लिया गया।
कच्ची जमीन और ऊबड़-खाबड़ सतह पर लैंडिंग के कारण विमान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चूँकि यह एक छोटा 9-सीटर विमान है, इसलिए इसे उतारने के लिए बहुत बड़े रनवे की आवश्यकता नहीं थी, फिर भी खेतों में लैंडिंग जोखिम भरी थी। स्थानीय प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुँचे और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति को मामूली खरोंच तक नहीं आई।
घटना के तुरंत बाद नागरिक उड्डयन विभाग (Civil Aviation Department) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को संज्ञान में लिया है। इंजन फेल होने या तकनीकी खराबी के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
इंडिया वन एयर ओडिशा सरकार की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) योजना के तहत साल 2022 से राज्य के टियर-3 शहरों (जैसे जयपुर, राउरकेला, भवानीपटना) को हवाई मार्ग से जोड़ रहा है। कंपनी के बेड़े में तीन सेसना ग्रैंड विमान हैं। इस घटना के बाद बेड़े के अन्य विमानों की सुरक्षा जांच भी की जा सकती है।
यह घटना विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल और पायलट के प्रशिक्षण की अहमियत को दर्शाती है। समय रहते मेडे कॉल और सुरक्षित स्थान का चयन करने से आधा दर्जन जिंदगियां बच गईं।
