18 Mar 2026, Wed
Breaking

भारत ने अमेरिका के साथ किया 2.2 मिलियन टन LPG आयात का बड़ा समझौता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति स्रोतों में होगी विविधता

News Scoop

न्यूज स्कूप : अमेरिकी हाई टैरिफ के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में जो थोड़ी-बहुत खटास देखी गई थी, वह अब धीरे-धीरे दूर होती दिखाई दे रही है। यूएस के साथ एक बड़ी ट्रेड डील की उम्मीदों के बीच, भारत ने पहली बार अमेरिका के साथ लंबे समय तक एलपीजी (LPG) आयात के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।

सरकार का कहना है कि इस तरह के समझौते से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एलपीजी आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने का बड़ा अवसर भी मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया ‘ऐतिहासिक डील’

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को इस समझौते को एक ‘ऐतिहासिक डील’ बताते हुए इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती एलपीजी मार्केट—भारत ने औपचारिक रूप से अमेरिका के लिए अपना बाजार खोल दिया है।

मंत्री पुरी ने आगे कहा कि देश के लोगों को किफायती दाम पर एलपीजी उपलब्ध कराना और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि इसी दिशा में आपूर्ति के स्रोतों में विविधिकरण लाया जा रहा है, और अमेरिका के साथ यह समझौता उस दिशा में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।

सालाना 2.2 मिलियन टन गैस आयात पर समझौता

मंत्री पुरी ने समझौते की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने अगले साल यानी 2026 में एक साल के लिए करीब 2.2 मिलियन टन (MT) एलपीजी गैस आयात पर यह समझौता किया है।

  • महत्व: यह 2.2 मिलियन टन गैस भारत की तरफ से आयात होने वाली कुल एलपीजी गैस का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा है। इस प्रकार, यह देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण विविधीकरण सुनिश्चित करता है।
उज्ज्वला योजना के कारण बढ़ी है मांग

यह समझौता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता है। देश में घरेलू मांग में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेष रूप से, केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी उज्ज्वला योजना की वजह से एलपीजी कनेक्शनों की आपूर्ति बढ़ी है। इस योजना के तहत कम आय वाले परिवारों को सब्सिडी रेट पर एलपीजी कनेक्शंस दिए जाते हैं।

वर्तमान में, भारत अपनी एलपीजी की कुल जरूरतों का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिनमें से अधिकतर गैस की आपूर्ति पश्चिमी एशियाई मार्केट से की जाती है। अमेरिका के साथ यह दीर्घकालिक समझौता होने से, भारत अब किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम कर सकेगा, जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखी जा सकेगी।

By News Scoop Desk

News Scoop is a digital news platform that focuses on delivering exclusive, fast, verified and impactful stories to readers. Unlike traditional news portals that rely heavily on routine reports, a news scoop platform prioritizes breaking news, inside information, investigative leads, political developments, public interest stories and viral happenings fresh and first.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *