न्यूज स्कूप : बुधवार, 28 जनवरी 2026 को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (शमशाबाद) पर एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। गोवा से हैदराबाद आ रहे इंडिगो (IndiGo) के एक विमान से लैंडिंग के ऐन पहले एक पक्षी टकरा गया। जिस वक्त यह ‘बर्ड स्ट्राइक’ हुई, उस समय विमान में 211 यात्री सवार थे।
पायलट की त्वरित सूझबूझ और शांत दिमाग से काम लेने के कारण विमान को रनवे पर सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित बाहर निकल आए हैं।
गोवा से उड़ान भरने वाला इंडिगो का यह विमान जब शमशाबाद एयरपोर्ट के रनवे की ओर नीचे आ रहा था, तभी एक पक्षी विमान के अगले हिस्से से टकरा गया।
- पायलट की कार्रवाई: पक्षी के टकराने का अहसास होते ही पायलट ने बिना पैनिक किए तुरंत एयरपोर्ट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (AOCC) को सूचित किया।
- सुरक्षित लैंडिंग: विमान को नियंत्रित करते हुए पायलट ने सफलतापूर्वक लैंडिंग कराई। लैंडिंग के तुरंत बाद एयरसाइड सेफ्टी टीम ने रनवे की गहन जांच की। जांच में रनवे पर पक्षी का कोई अवशेष नहीं मिला, जिससे अन्य उड़ानों के लिए रनवे को सुरक्षित घोषित कर दिया गया।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद इंजीनियरों और एटीसी (ATC) अधिकारियों की टीम ने विमान का बारीकी से निरीक्षण किया:
- इंजन और विंग्स: यह सुनिश्चित किया गया कि पक्षी इंजन के भीतर तो नहीं गया, क्योंकि इससे इंजन फेल होने का खतरा रहता है।
- नोज कोन: विमान के अगले हिस्से (नोज कोन) की जांच की गई ताकि किसी भी तरह के डेंट या स्ट्रक्चरल डैमेज का पता लगाया जा सके।
- रिपोर्ट: प्रारंभिक जांच में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, जो यात्रियों और एयरलाइन के लिए राहत की बात है।
विमानन विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि भारत में पिछले कुछ महीनों में बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं काफी बढ़ी हैं।
- हॉटस्पॉट: भोपाल, नागपुर और पटना जैसे हवाई अड्डों पर भी हाल ही में ऐसी कई घटनाएं दर्ज की गईं, जहाँ विमानों को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
- शमशाबाद एयरपोर्ट का हाल: उसी दिन शमशाबाद हवाई अड्डे पर तकनीकी खराबी और इंजन समस्याओं से जुड़ी दो अन्य छोटी घटनाएं भी सामने आईं, जो विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल पर और अधिक ध्यान देने की ओर इशारा करती हैं।
| कारण | प्रभाव |
| इंजन डैमेज | पक्षी के इंजन में जाने से ब्लेड टूट सकते हैं और पावर लॉस हो सकता है। |
| विंडशील्ड क्रैक | टक्कर से पायलट की विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है। |
| लैंडिंग/टेकऑफ | सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं दो चरणों में होता है क्योंकि विमान कम ऊंचाई पर होता है। |
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि पायलट का प्रशिक्षण और टीमवर्क किसी भी आपात स्थिति में जीवनरक्षक साबित होता है। हालांकि, एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के नियंत्रण के लिए प्रशासन को और अधिक कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के जोखिमों को कम किया जा सके।
