न्यूज स्कूप : एप्पल के iPhone अपनी प्रीमियम क्वालिटी और बेहतरीन कैमरा के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि iPhone 12 Pro और इसके बाद आने वाले सभी ‘प्रो’ (Pro) मॉडल्स के कैमरा मॉड्यूल में लेंस के पास एक छोटा सा ब्लैक डॉट (Black Dot) दिया जाता है?
सालों से आईफोन चलाने वाले कई यूजर्स को भी इस रहस्यमयी डॉट के बारे में जानकारी नहीं होगी। कुछ लोग इसे फ्लैश का हिस्सा मानते हैं तो कुछ को लगता है कि यह कोई अतिरिक्त माइक्रोफोन है। अगर आप भी अब तक इसे केवल डिजाइन का हिस्सा समझ रहे थे, तो आप गलत हैं। यह छोटा सा दिखने वाला डॉट असल में एक पावरफुल सेंसर है, जो आपके फोटोग्राफी अनुभव को पूरी तरह बदल देता है।
सबसे पहले यह जान लें कि यह ब्लैक डॉट हर आईफोन में मौजूद नहीं होता। एप्पल इसे केवल अपनी प्रीमियम रेंज यानी iPhone 12 Pro, 13 Pro, 14 Pro और 15 Pro (और इनके मैक्स वर्जन) में देता है। नॉन-प्रो या बेस मॉडल्स में यह सेंसर नहीं मिलता।
कैमरा के पास मिलने वाले इस ब्लैक डॉट के भीतर एक LiDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) सेंसर छिपा होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी तकनीक है जो लेजर लाइट के जरिए दूरियों को मापती है।
यह सेंसर मुख्य रूप से 3 बड़े काम करता है:
- बेहतरीन फोटोग्राफी: कम रोशनी (Low Light) में यह सेंसर कैमरे को यह बताने में मदद करता है कि ऑब्जेक्ट कितनी दूर है, जिससे ऑटोफोकस 6 गुना तेज हो जाता है।
- ऑगमेंटेड रियलिटी (AR): इस सेंसर की मदद से आपका फोन आपके कमरे का 3D मैप बना सकता है। AR ऐप्स के जरिए आप वर्चुअली अपने कमरे में फर्नीचर रखकर देख सकते हैं कि वह कैसा लगेगा।
- सटीक माप (Measurement): आईफोन के ‘Measure’ ऐप के जरिए आप किसी भी व्यक्ति की लंबाई या किसी वस्तु की चौड़ाई को बिना फीते के बिल्कुल सटीक माप सकते हैं।
LiDAR सेंसर के काम करने का तरीका किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा है। इसमें दो मुख्य भाग होते हैं: एक एमिटर और एक रिसीवर।
- लाइट का सफर: एमिटर एक इनविजिबल (अदृश्य) लेजर लाइट फेंकता है जिसे ‘वर्टिकल कैविटी सरफेस एमिटिंग लेजर’ ($VCSEL$) कहा जाता है।
- दूरी की गणना: यह लाइट सामने रखे ऑब्जेक्ट से टकराकर वापस आती है और रिसीवर इसे कैच कर लेता है।
- एल्गोरिदम का जादू: लाइट को जाने और वापस आने में जो समय लगता है, उसके आधार पर फोन का एल्गोरिदम यह गणना कर लेता है कि ऑब्जेक्ट और कैमरे के बीच की दूरी कितनी है।
इस सेंसर के ऊपर जो ब्लैक डॉट आप देखते हैं, वह असल में एक प्रोटेक्टिव लेयर है। यह बाहर की सामान्य रोशनी को सोख लेती है ताकि सेंसर बिना किसी बाधा के केवल ‘नियर-इंफ्रारेड लाइट’ पर काम कर सके।
कई यूजर्स प्राइवेसी के चलते पूछते हैं कि क्या इस सेंसर को मैनुअली ऑफ किया जा सकता है? इसका जवाब है— नहीं। यह सेंसर बैकग्राउंड में आपके कैमरा और AR ऐप्स को सपोर्ट करने के लिए काम करता रहता है। हालांकि, यह केवल दूरियां मापने के लिए डेटा कलेक्ट करता है, यह आपकी कोई निजी फोटो या वीडियो अलग से रिकॉर्ड नहीं करता।
आईफोन का यह ब्लैक डॉट एप्पल की इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह न केवल रात में खींची गई आपकी पोर्ट्रेट फोटो को शानदार बनाता है, बल्कि आपके स्मार्टफोन को एक स्मार्ट ‘मेजरिंग टूल’ में भी बदल देता है। अगली बार जब आप अपना आईफोन देखें, तो इस छोटे से डॉट को मामूली समझने की गलती न करें!
