न्यूज स्कूप : मिडिल ईस्ट का महत्वपूर्ण देश ईरान (Iran) इस समय अपने इतिहास के सबसे भीषण और खूनी जनविद्रोहों में से एक का सामना कर रहा है। दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह तक आते-आते एक व्यापक क्रांति का रूप ले चुके हैं। ईरान की गलियों में इस समय खौफ नहीं, बल्कि खुली अवज्ञा (Defiance) का माहौल है।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दृश्य उन तस्वीरों और वीडियो के रूप में सामने आया है, जहाँ ईरानी महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के पोस्टरों को जलाकर उनसे सिगरेट जलाती नजर आ रही हैं। एक ऐसे देश में जहाँ सर्वोच्च नेता का अपमान करना मौत की सजा का कारण बन सकता है, वहां महिलाओं का यह साहस वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
ईरानी महिलाओं का यह नया अंदाज महज एक विरोध नहीं, बल्कि उस धर्मतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों पर सीधा हमला है जो दशकों से उन पर कड़े प्रतिबंध लगाती आई है।
- तस्वीरें बनीं हथियार: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में महिलाएं बिना हिजाब के, खामेनेई की जलती हुई तस्वीरों के साथ पोज दे रही हैं।
- अवज्ञा का प्रतीक: विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट जलाना एक शांत लेकिन अत्यंत प्रभावशाली संदेश है, जो यह दर्शाता है कि अब जनता के मन से शासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
राजधानी तेहरान से लेकर मशहद और शिराज जैसे शहरों में “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे गूंज रहे हैं।
- पहलवी की वापसी: प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा वर्ग 1979 की क्रांति से पहले के शासन को याद कर रहा है। सड़कों पर ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में नारे लग रहे हैं। लोग चिल्ला रहे हैं कि “पहलवी वापस आएंगे”, जो वर्तमान सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: यह विद्रोह 2022 के उस आंदोलन की याद दिलाता है जो महसा अमीनी की मौत के बाद भड़का था। लेकिन इस बार का आंदोलन आर्थिक तंगी के कारण और भी अधिक हिंसक और व्यापक हो गया है।
86 वर्षीय अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी है। इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इसके बावजूद, ईरानी जनता, विशेषकर महिलाएं, पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
ईरान में सिगरेट सुलगाने की इन छोटी सी दिखने वाली चिंगारियों ने पूरे देश में असंतोष की आग लगा दी है। यह विद्रोह दर्शाता है कि आधुनिक ईरान की नई पीढ़ी अब पुरानी जंजीरों को तोड़ने के लिए जान की बाजी लगाने को भी तैयार है। आने वाले दिन ईरान और पूरे मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति (Geopolitics) के लिए अत्यंत निर्णायक होने वाले हैं।
