न्यूज स्कूप : महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) के आगामी चुनावों ने राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सत्ताधारी ‘महायुति’ गठबंधन के लिए स्थिति उस समय असहज हो गई जब कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। सरकार में सहयोगी होने के बावजूद, स्थानीय स्तर पर ये दोनों दल एक-दूसरे के धुर विरोधी बनकर उभरे हैं।
डोंबिवली के तुकाराम नगर इलाके में हुई इस हिंसक झड़प ने चुनावी शुचिता और गठबंधन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के पैनल नंबर 29 में पिछले दो रातों से तनाव का माहौल बना हुआ था। विवाद तब शुरू हुआ जब शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी पर मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया।
- हिंसक झड़प: आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जल्द ही मारपीट में तब्दील हो गया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिसमें बीजेपी के दो और शिवसेना के दो वरिष्ठ पदाधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
- अस्पताल में भर्ती: बीजेपी उम्मीदवार आर्या नाटेकर के पति ओमकार नाटेकर और शिवसेना उम्मीदवार नितिन पाटील को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- पुलिस की कार्रवाई: डोंबिवली पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
| क्षेत्र | मुख्य मुकाबला | वर्तमान स्थिति |
| कल्याण-डोंबिवली | बीजेपी vs शिवसेना (शिंदे) | फ्रेंडली फाइट (Friendly Fight) हिंसक हुई |
| नागपुर | बीजेपी-शिवसेना vs विपक्षी गठबंधन | बीजेपी का मजबूत गढ़, गठबंधन की दावेदारी |
| मुंबई/पुणे | महायुति vs महाविकास अघाड़ी | कांटे की टक्कर |
डोंबिवली में जहां हिंसा हुई, वहीं दूसरी ओर नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चुनावी प्रचार के अंतिम दिन बेहद आक्रामक अंदाज में नजर आए। फडणवीस ने भारत माता चौक से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक तक एक विशाल मोटरसाइकिल रोड शो का नेतृत्व किया।
रोड शो के दौरान भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा:
“लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में भाजपा-शिवसेना गठबंधन नागपुर, मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य नगर निकायों में रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज करेगा। विपक्षी गठबंधन के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है।”
कल्याण-डोंबिवली की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भले ही शीर्ष नेतृत्व एक साथ होने का दावा करे, लेकिन जमीनी स्तर पर सीटों के बंटवारे और वर्चस्व की लड़ाई गठबंधन के लिए सिरदर्द बनी हुई है। शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा बीजेपी पर लगाए गए ‘कैश फॉर वोट’ के आरोपों ने विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या वाकई रात के अंधेरे में धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा था या यह केवल एक चुनावी स्टंट था।
महाराष्ट्र के मनपा चुनाव 2026 की यह जंग अब केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि सहयोगियों के बीच ‘अस्तित्व की लड़ाई’ बन गई है। 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले ऐसी घटनाएं गठबंधन की साख को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
