28 Feb 2026, Sat
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न्यूज स्कूप : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। 2026 की यात्रा के दौरान बाबा केदार के दर्शनों के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को अब मंदिर के गर्भगृह और परिसर के भीतर मोबाइल फोन या कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम धाम की आध्यात्मिक गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं के दर्शन अनुभव को बाधारहित बनाने के लिए उठाया गया है।

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर वायरल हुए विवादित वीडियो और रील कल्चर को देखते हुए श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने यह सख्त रुख अपनाया है।

रील कल्चर और मर्यादा पर प्रहार

केदारनाथ धाम में हर साल लाखों की भीड़ उमड़ती है। प्रशासन ने गौर किया है कि कई श्रद्धालु भक्ति और दर्शन के बजाय मंदिर परिसर में रील बनाने, रैंडम फोटोग्राफी करने और सेल्फी लेने में अधिक समय बिताते हैं।

  • भक्तों को परेशानी: फोटोग्राफी की होड़ के कारण कतार में लगे अन्य श्रद्धालुओं को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है और मंदिर का अनुशासन भंग होता है।
  • मर्यादा का उल्लंघन: गर्भगृह से गोपनीय और धार्मिक तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करना मंदिर की परंपराओं के खिलाफ माना गया है। इसी को देखते हुए अब मंदिर के भीतर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

इस बार प्रशासन केवल चेतावनी देकर नहीं रुकेगा। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, यदि कोई श्रद्धालु सुरक्षा घेरे को तोड़कर या चोरी-छिपे मोबाइल ले जाता है और फोटोग्राफी करते पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

  1. सख्ती से जांच: यात्रा मार्ग और मंदिर प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग की जाएगी।
  2. जब्ती की कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने पर मोबाइल या कैमरा जब्त भी किया जा सकता है।
  3. डिजिटल निगरानी: परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए रील बनाने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी।

आस्था और सुशासन का तालमेल

बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष विजय कपरवान ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय भक्तों की सुविधा के लिए लिया गया है। उन्होंने कहा, “भक्त यहाँ दूर-दूर से अटूट आस्था लेकर आते हैं। कुछ लोगों के मनोरंजन (रील बनाने) की वजह से हजारों लोगों की श्रद्धा और व्यवस्था प्रभावित होती है। हमारा उद्देश्य मंदिर की पवित्रता और शांति को बरकरार रखना है।”

केदारनाथ धाम की यात्रा 2026 को अधिक व्यवस्थित और भक्तिमय बनाने के लिए प्रशासन का यह निर्णय एक सराहनीय कदम है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बाबा केदार के दर्शन पूरी श्रद्धा के साथ करें और तकनीक के बजाय भक्ति पर ध्यान केंद्रित करें।

By News Scoop Desk

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