न्यूज स्कूप : हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्तमान में खरमास (Kharmas) की अवधि चल रही है, जिसके कारण देश भर में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ है। ज्योतिष शास्त्र में खरमास को एक ऐसी अवधि माना गया है जिसमें सूर्य देव की गति धीमी हो जाती है और बृहस्पति (गुरु) की शुभ ऊर्जा क्षीण हो जाती है।
अक्सर लोग खरमास को केवल ‘अशुभ’ समय मान लेते हैं, जबकि आध्यात्मिक दृष्टि से यह आत्म-चिंतन और ईश्वर भक्ति का सबसे श्रेष्ठ समय है। आइए जानते हैं खरमास कब समाप्त होगा और नए साल 2026 में खुशियों की शहनाइयां फिर से कब गूंजेंगी।
सूर्य हर महीने अपनी राशि बदलते हैं। जब सूर्य धनु (Sagittarius) या मीन (Pisces) राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस अवधि को खरमास कहा जाता है। इन दोनों राशियों के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं।
- धार्मिक मान्यता: गुरु की राशि में सूर्य के आने से गुरु का प्रभाव कम हो जाता है। चूंकि गुरु और सूर्य दोनों ही मांगलिक कार्यों के कारक हैं, इसलिए उनकी कमजोर स्थिति में किए गए कार्य सफल नहीं माने जाते।
- वर्तमान स्थिति: 16 दिसंबर 2025 से सूर्य के धनु राशि में आने के साथ ही खरमास का आरंभ हो चुका है।
भले ही खरमास में शादियां नहीं होतीं, लेकिन जिनकी शादी में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, उनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है।
- भगवान विष्णु की पूजा: इस दौरान रोजाना भगवान विष्णु और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- पीले रंग का महत्व: पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र और चने की दाल का प्रयोग करें।
- सिद्ध मंत्र: विवाह बाधा दूर करने के लिए “ॐ श्रीं ह्रीं पूर्ण गृहस्थ सुख सिद्धये ह्रीं श्रीं ॐ नमः” मंत्र का जाप करें।
- दान-पुण्य: तिल, गुड़ और गर्म वस्त्रों का दान करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं।
खरमास की समाप्ति 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के दिन होगी, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। हालांकि, खरमास खत्म होने के तुरंत बाद भी शादियां शुरू नहीं हो पाएंगी।
- जनवरी 2026 में क्यों नहीं हैं मुहूर्त? ज्योतिष गणना के अनुसार, जनवरी 2026 में शुक्र ग्रह (Venus) अस्त रहेगा। हिंदू धर्म में शुक्र को दाम्पत्य सुख का कारक माना जाता है और ‘तारा डूबा’ होने की स्थिति में विवाह वर्जित होते हैं।
- फरवरी 2026 से गूंजेंगी शहनाइयां: शुक्र ग्रह का उदय 01 फरवरी 2026 को होगा। इसके बाद ही गुरु और शुक्र दोनों की अनुकूल स्थिति बनेगी और विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे।
- वर्जित कार्य: नई प्रॉपर्टी खरीदना, नया व्यापार शुरू करना, सगाई, मुंडन और नामकरण संस्कार।
- क्या करें: गीता का पाठ करें, सूर्य चालीसा पढ़ें, तीर्थ यात्रा करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। यह समय मानसिक शांति और दान-धर्म के लिए सर्वोत्तम है।
निष्कर्ष: खरमास हमें संयम और भक्ति का संदेश देता है। 14 जनवरी तक धैर्य रखें और आध्यात्मिक साधना में मन लगाएं। फरवरी 2026 से एक बार फिर शुभ कार्यों का सिलसिला शुरू होगा।
